India-EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय संघ के बीच ऐतिहासिक व्यापार समझौता

Prime Minister Narendra Modi shaking hands with EU leaders at the historic India-EU trade agreement ceremony

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर होना वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। India-EU Trade Deal को लेकर दुनिया भर के बिजनेस लीडर्स बेहद उत्साहित हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं, बल्कि दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच साझा नवाचार, रोजगार सृजन और बाजार स्थिरता का एक मजबूत पुल है।

वर्षों की गहन चर्चा और बातचीत के बाद इस समझौते ने अंततः धरातल पर आकार ले लिया है। इस ऐतिहासिक कदम का स्वागत करते हुए यूरोपीय कंपनियों के प्रमुखों ने इसे वैश्विक अनिश्चितता के दौर में ‘आशा की किरण’ बताया है। इस डील के तहत न केवल टैरिफ यानी सीमा शुल्क में कटौती होगी, बल्कि तकनीकी आदान-प्रदान और रक्षा क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ेगा।

India-EU Trade Agreement Signing Ceremony 2026

एयरबस ने बताया ‘मेक इन इंडिया’ को मुख्य आधार

दुनिया की दिग्गज विमान निर्माता कंपनी एयरबस (Airbus International) के अध्यक्ष वाउटर वैन वर्श ने इस दिन को भारत और यूरोप के संबंधों के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि भारत में स्थानीय स्तर पर उत्पादन करना यानी ‘मेक इन इंडिया’ उनकी रणनीति का मुख्य केंद्र है। इस समझौते के बाद विमानन, हेलीकॉप्टर और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत के साथ साझेदारी और गहरी होगी।

एयरबस का मानना है कि यूरोपीय तकनीक और भारत की विशाल मानवीय क्षमताओं का संगम रक्षा और स्पेस सेक्टर में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। इससे भारतीय युवाओं के लिए हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में नौकरियों की बाढ़ आने की उम्मीद है।

India-EU Trade Deal: वैश्विक अस्थिरता के बीच एक मजबूत समाधान

बिजनेस यूरोप के अध्यक्ष फ्रेडरिक पर्सन ने वर्तमान भू-राजनीतिक चुनौतियों का जिक्र करते हुए इस समझौते की अहमियत पर जोर दिया। उनके अनुसार, जिस समय नियम-आधारित व्यापार को वैश्विक स्तर पर चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, उस समय यह डील विकास की नई संभावनाओं को खोलती है। यह समझौता भारतीय दिग्गजों और यूरोपीय लघु एवं मध्यम उद्योगों (SMEs) के लिए एक समान अवसर प्रदान करेगा।

Prime Minister Narendra Modi shaking hands with EU leaders at the historic India-EU trade agreement ceremony

आर्थिक मजबूती और प्रतिस्पर्धा को मिलेगा बढ़ावा

स्वीडिश एंटरप्राइज के सीईओ जान-ओलोफ जैके ने इस साझेदारी को स्थिरता का प्रतीक बताया। उनका कहना है कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का एक नियम-आधारित ढांचे के तहत साथ आना दोनों क्षेत्रों की प्रतिस्पर्धात्मक शक्ति को बढ़ाएगा। इससे न केवल आर्थिक विकास दर में तेजी आएगी, बल्कि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) में भी लचीलापन आएगा।

यूरोपीय नेताओं का स्पष्ट मानना है कि भारत के विशाल बाजार तक पहुंच मिलने से यूरोपीय कंपनियों को अपना विस्तार करने में मदद मिलेगी। वहीं, भारतीय उत्पादों को यूरोपीय बाजारों में कम शुल्क पर जगह मिलने से निर्यात क्षेत्र को नई ऊर्जा मिलेगी।

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