India-EU Free Trade Agreement भारत-EU मुक्त व्यापार समझौता को Mother of All Deals कहा जा रहा है – और इसका कारण भी साफ है। 19 साल की लंबी बातचीत के बाद मंगलवार को भारत और European Union (EU) ने इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर कर लिए। 16वें भारत-EU शिखर सम्मेलन India-EU Summit में इसकी घोषणा हुई। समझौता 2027 से लागू होने की संभावना है। इससे दोनों महाशक्तियों के बीच व्यापार में भारी उछाल आएगा और वैश्विक GDP का करीब 25% हिस्सा एक साथ जुड़ जाएगा।
EU की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने कहा कि
“जब दो प्रमुख लोकतांत्रिक शक्तियां एक साथ आती हैं, तो वे मजबूत सुरक्षा और समृद्धि का निर्माण करती हैं। India-EU Security and Defence Agreement पर साइन करना मेरे लिए गर्व की बात है।”
European Commission की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा-
“पीएम मोदी, हमने कर दिखाया। हमने Mother of All Deals डिलीवर की है। यह समझौता लाखों लोगों के लिए रोजगार और समृद्धि लाएगा।”
European Council के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा (Antonio Costa) ने कहा-
“मैं एक ओवरसीज इंडियन हूं। गोवा से जुड़ी मेरी पहचान मेरे लिए गर्व की बात है। यह दिन ऐतिहासिक है – हम व्यापार, सुरक्षा और लोगों के बीच रिश्तों में नया अध्याय शुरू कर रहे हैं।
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने कहा-
“यह समझौता भारत-EU रिश्तों का नया अध्याय है। इससे निवेश, इनोवेशन और सप्लाई चेन मजबूत होगी। यह सिर्फ व्यापार नहीं – साझा समृद्धि का रोडमैप है।”
India EU FTA से क्या क्या सस्ता हुआ?
What became cheaper due to India EU FTA:
भारत को मिलने वाली राहतें
- लग्जरी कारें (BMW, Mercedes, Porsche): 110% टैरिफ घटकर 10%
- शराब और वाइन (Wine & Spirits): 150% से घटकर 20–30%
- बीयर (Beer): 110% से घटकर 50%
- मेडिकल और सर्जिकल उपकरण (Medical & Surgical Equipment): 90% टैक्स-फ्री
- रसायन और मशीनरी (Chemicals & Machinery): 22–44% टैक्स लगभग खत्म
- विमान और अंतरिक्ष उपकरण (Aviation & Space Equipment): ज्यादातर जीरो टैरिफ
EU को मिलने वाली राहतें
- कपड़ा, जूते, लेदर, हस्तशिल्प (Textiles, Footwear, Leather, Handicrafts): 10% ड्यूटी कम या खत्म
- फार्मा और केमिकल (Pharma & Chemicals): मंजूरी और नियम आसान, व्यापार 20–30% बढ़ेगा
- डेयरी और कृषि (Dairy & Agriculture): बाहर रखा गया – भारत ने अपने किसानों की सुरक्षा की
इंडिया -यूरोपियन यूनियन ट्रेड डील से भारत को क्या फायदा होगा
भारत को क्या फायदा? (India Benefits from India-EU FTA)
- निर्यात में भारी उछाल – कपड़ा, लेदर, जेम्स, फुटवियर, फार्मा, केमिकल सेक्टर को फायदा
- EU में जीरो या कम टैरिफ से बाजार आसान पहुंच
- डिफेंस फैक्ट्रियां लगाने का मौका – EU कंपनियां भारत में निवेश करेंगी
- कार्बन टैक्स (CBAM) से राहत मिलने की उम्मीद – स्टील, एल्युमिनियम, हाइड्रोजन सेक्टर को फायदा
- यूरोप में भारतीय दवाओं, आईटी सर्विसेज और इंजीनियरिंग प्रोडक्ट्स की डिमांड बढ़ेगी
- 135 बिलियन डॉलर का मौजूदा व्यापार कई गुना बढ़ सकता है
EU को क्या फायदा? (EU Benefits from India-EU FTA)
- भारत में लग्जरी कारें, शराब, वाइन सस्ती बिकेंगी – बाजार में हिस्सेदारी बढ़ेगी
- IT, इंजीनियरिंग, टेलीकॉम, बिजनेस सर्विसेज कंपनियों को भारत में ज्यादा काम
- चीन पर निर्भरता कम होगी – भारत जैसे भरोसेमंद देश से सप्लाई चेन मजबूत
- भारत में मैन्युफैक्चरिंग हब बनने से EU कंपनियां सस्ता प्रोडक्शन कर सकेंगी
- 200 करोड़ लोगों का साझा बाजार – वैश्विक व्यापार का एक-तिहाई हिस्सा कवर
क्यों कहा जा रहा है Mother of All Deals?
- EU दुनिया का सबसे बड़ा ट्रेड ब्लॉक है, भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
- दोनों मिलकर वैश्विक GDP का 25% और कुल व्यापार का एक-तिहाई हिस्सा कवर करेंगे
- चीन पर निर्भरता कम करने और नए सप्लाई चेन बनाने की दिशा में बड़ा कदम
- पिछले 19 साल (2007 से) रुकी बातचीत अब सफल – दुनिया के लिए मिसाल
यह समझौता भारत-EU संबंधों में नया अध्याय है। अब सभी की नजरें 2027 पर हैं – जब यह लागू होगा और दोनों देशों के बीच व्यापार आसमान छूएगा।

