नई दिल्ली। चुनाव आयोग, SIR और फॉर्म-6 को लेकर चल रहे विवाद के बीच इंडिया गठबंधन के नेताओं ने नई दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब में बैठक की। करीब तीन घंटे चली बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। गठबंधन के कई सहयोगी दलों के नेता बैठक में शामिल हुए।
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 2 से 8 अक्टूबर तक देशभर में प्रदर्शन करने का फैसला लिया गया। विपक्षी दल 6 अक्टूबर को चुनाव आयोग के घेराव की भी तैयारी करेंगे।
इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए संसद में प्रस्ताव लाने, SIR के दौरान हटाए गए नामों की जानकारी सार्वजनिक करने और मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों के नाम दोबारा जोड़ने की मांग को लेकर भी विपक्षी दलों ने एकजुटता दिखाई। विपक्ष ने चुनाव में बैलेट पेपर से मतदान की मांग भी दोहराई।
खड़गे और राहुल गांधी ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
बैठक के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष का मानना है कि चुनाव में ‘वोट चोरी’ हो रही है।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार लोकतंत्र को कमजोर कर रहे हैं। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेगा।
अखिलेश यादव बैठक में नहीं पहुंचे
इंडिया गठबंधन की बैठक में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव शामिल नहीं हुए। उनकी जगह पार्टी के दो सांसद बैठक में पहुंचे। उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और कांग्रेस-सपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर अभी सहमति नहीं बनी है। हालांकि, अखिलेश यादव के बैठक में शामिल नहीं होने की आधिकारिक वजह सामने नहीं आई है। आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और DMK अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री एमके स्टालिन भी बैठक में मौजूद नहीं रहे।
