Income Tax Refund Delay: क्यों अटका है, इनकम टैक्स रिफंड

Income Tax Refund Delay को लेकर इस समय कई टैक्स देने वाले लोग परेशान हैं। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की ओर से ईमेल और एसएमएस के जरिए कई सारे लोगों को नोटिस दिए जा रहे हैं, जिससे लोगों में चिंताएं बढ़ चुकी है। हालांकि टेक्स्ट विशेषज्ञ का कहना है कि हर नोटिस किसी गड़बड़ी का संकेत नहीं होता है बल्कि कई बार ये सिर्फ जानकारी देने के उद्देश्य से भी हो सकता है।

क्यों हो रहा है Income Tax Refund Delay?

इनकम टैक्स विभाग के अनुसार इस बार बड़ी संख्या में रिटर्न फाइल होने के कारण प्रोसेसिंग होने में समय लगेगा इसके अलावा कुछ रिटर्न ऐसे भी हैं जिन्हें सिस्टम ने जोखिम की कैटेगरी में रखा है। इसमें से अधिक डिडक्शन असामान्य तरीके से रिफंड क्लेम करना या फॉर्म 26 AS से डाटा मेल ना खाना हो सकता है। ऐसे मामलों में इनकम टैक्स रिफंड देर होना स्वाभाविक होता है।

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नोटिस मिलने का क्या मतलब है?

अगर आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट से नोटिस मिला है तो इसका सीधा मतलब यह नहीं है कि आपने कोई गलती की है। कई बार विभाग में टैक्स देने वाले लोगों को या जचने के लिए अलर्ट कर देता है कि रिटर्न में दी गई जानकारी सही है या नहीं। यह एक तरह का प्रीवेंटिंग मेथड होता है ताकि बाद में किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई की जरूरत ना हो।

किन वजहों से रिफंड अटक सकता है?

Income Tax Refund Delay होने के पीछे कुछ आम कारण सामने हो सकते हैं जैसे आईटीआर फाइल करने के बाद ऑनलाइन वेरिफिकेशन पूरी न करना, बैंक अकाउंट प्री वैलिडेशन में गलती करना, पुराने टेक्स का बकाया होना, डिडक्शन या इनकम डिटेल में गलत जानकारी मैच होना। अगर इनमें से कोई भी एक कारण दिखता है तो रिफंड में देरी होती है।

क्या देरी पर ब्याज मिलेगा?

आयकर कानून की धारा 244A के अनुसार अगर विभाग की ओर से रिटर्न रिफंड में देरी की जाती है और टैक्स देने वाले व्यक्ति ने समय पर रिटर्न फाइल किया है तो ब्याज देने का प्रावधान सरकार के द्वारा है। यह आम तौर पर 6% सालाना दर पर ब्याज दिया जाता है हालांकि अगर टैक्स देने में आपसे गलती हुई है तो आपको ब्याज नहीं मिलेगा।

रिफंड जल्दी पाने के लिए क्या करें?

टैक्स की जानकारी के अनुसार अगर आपको नोटिस मिला है तो नोटिस मिलने के बाद सबसे पहले इनकम टैक्स पोर्टल पर लॉगिन करें और वहां उपलब्ध नोटिस को ध्यान से पढ़ें और समय पर उसका जवाब दें। जरूरत पड़े तो रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करें और सही समय पर की गई कार्रवाई से इनकम टैक्स रिफंड की समस्या दूर हो सकती है।

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