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शहडोल में लकड़ी तस्करों ने वन अमले पर हमला करके कर दिए लहू-लुहान, कटाई रोकने पहुची थी टीम

शहडोल। वन क्षेत्र में लकड़ी की अवैध कटाई को रोकने पहुचे वन अमले पर लकड़ी तस्करों ने हमला बोल दिया और वन कर्मियों को लहू-लुहान कर दिए। यह घटना शहडोल जिले में उत्तर वनमण्डल क्षेत्र के वन परिक्षेत्र अमझोर में बीती बुधवार की रात सामने आ रही है। इतना ही नही तस्करों ने वन अमले की टीम को बंधक बना लिए थें। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुची और स्थित को नियंत्रण किए है। मारपीट की इस घटना में रेंजर तरुणेंद्र सिंह और डिप्टी रेंजर दुर्गा प्रसाद अहिरवार सहित कई बीट गार्ड घायल हुए हैं।

सूचना पर पहुची थी टीम

डीएफओ के अनुसार वन विभाग को सूचना मिली थी कि साल के वृक्षों की अवैध कटाई हो रही है। इसी आधार सर्किल सीधी के डिप्टी रेंजर एवं अन्य बीट गार्ड की टीम मौके पर गई और घेराबंदी कर आरोपितों को साल की लकडी काटते हुए रंगे हाथो पकड लिया। जिसके बाद आरोपी वन टीम पर कार्रवाई न करने का दबाब बना रहे थें। जब अधिकारियों ने कार्रवाई करना शुरू कर दिया तो लकड़ी तस्कर और उसके घर की महिलाएं समेत अन्य लोगों ने टीम पर हमला कर दिए।

थाना में की गई शिकायत

वन अधिकारियों के अनुसार मारपीट में शामिल आरोपी नागेन्द्र यादव, सुरेन्द्र यादव,महेन्द्र यादव, बाबूलाल यादव समेत अन्य हमलाबारों के खिलाफ वन विभाग के द्वारा साल प्रजाति की लकडी जप्त कर अरोपितों के विरूद्व वन अपराध के साथ शासकीय कार्य में बाधा डालने, जाति सूचक शब्द बोलने, मारपीट करने की शिकायत जयसिंहनगर थाने में की गई है।

लगातार हो रहे हमलें

ज्ञात हो कि शहडोल जिले में सक्रिय तस्करों एवं माफियाओं के हौसलें बुलंद है और वे लगातार इस तरह की घटनाएं घटित कर रहे है। इसके पूर्व मुख्यालय से लगे वन क्षेत्र में भी कोल माफियाओं द्वारा गश्त कर रही वन विभाग की टीम पर हमला किया गया था, जिसमें रेंजर सहित कई वनकर्मी घायल हुए थे। इन हमलों ने जंगलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज करके आगे की कार्रवाई कर रही है।

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