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Rewa: गर्भवती और बच्चों के लिए पैरों से रौंदकर बनाया जा रहा पोषण-आहार

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Rewa News: एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पैरों से रौंदकर सड़े-गले अनाज से पोषक आहार बनाया जा रहा है. इस तरह के कई अन्य वीडियो भी सामने आए हैं, जिनसे सवाल उठने लगे हैं कि आखिर यह कैसा पोषण आहार है. कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा, “पहाड़िया टीएचआर प्लांट से संबंधित शिकायत सामने आई है. मैं जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दे रही हूं कि वे मौके पर जाकर निरीक्षण करें और स्थिति का जायजा लें.

Rewa Hindi News: मध्य प्रदेश के रीवा के पहाड़िया में संचालित टीएचआर प्लांट में पोषण आहार के नाम पर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है. एक वीडियो सामने आया है, जिसमें पैरों से रौंदकर सड़े-गले अनाज से पोषक आहार बनाया जा रहा है. इस तरह के कई अन्य वीडियो भी सामने आए हैं, जिनसे सवाल उठने लगे हैं कि आखिर यह कैसा पोषण आहार है. यह टेक होम राशन (टीएचआर) प्लांट आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए पोषण आहार तैयार करता है.

वीडियो में साफ दिख रहा है कि एक ओर अनाज को पैरों से मशीन में भरा जा रहा है, तो दूसरी ओर अनाज सड़ा-गला और खराब गुणवत्ता का नजर आ रहा है. इस मामले की शिकायत जिला कलेक्टर प्रतिभा पाल से की गई है, जिन्होंने जिला पंचायत सीईओ को मौके पर जाकर निरीक्षण करने और स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं.

पोषण आहार के लिए सड़ा-गला अनाज

पहाड़िया टीएचआर प्लांट, रीवा, मध्य प्रदेश में एक टेक होम राशन प्लांट है, जो आंगनवाड़ी केंद्रों के लिए पूरक पोषण आहार तैयार करता है. यह प्लांट विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों के लिए पोषण प्रदान करने के लिए स्थापित किया गया है. यहाँ तैयार किया गया पोषण आहार रीवा जिले के आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से वितरित किया जाता है.

कलेक्टर ने दिए जांच के निर्देश

पूरक पोषण आहार का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों में कुपोषण से निपटना है. यह प्लांट स्थानीय महिलाओं द्वारा संचालित होता है, जिसका लक्ष्य महिलाओं को सशक्त बनाना और समुदाय में पोषण स्तर में सुधार करना है. इस पूरे मामले पर कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कहा, “पहाड़िया टीएचआर प्लांट से संबंधित शिकायत सामने आई है. मैं जिला पंचायत सीईओ को निर्देश दे रही हूं कि वे मौके पर जाकर निरीक्षण करें और स्थिति का जायजा लें. यह जांच की जाएगी कि वहां किस तरह का पोषण आहार बनाया जा रहा है और अनाज की गुणवत्ता कैसी है. वर्तमान में इस प्लांट का संचालन जिला पंचायत द्वारा किया जा रहा है.”

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