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रीवा में परंपरा के तहत होगा दशहरा, 55 फिट का रावण, 50-50 फिट के मेघनाद व कुंभकरण के जलेगे पुतले, होगी संगीत संध्या

रीवा। रीवा की गौरवशाली दशहरा परंपरा को कायम रखते हुए नगर विजयादशमी उत्सव समिति द्वारा इस वर्ष भी दशहरा पर्व भव्य एवं पारंपरिक तरीके से मनाया जाएगा। 20 अक्टूबर 2026 को आयोजित होने वाले इस महाआयोजन में रावण, मेघनाद और कुंभकरण के विशाल पुतलों का दहन किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान सुमधुर संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, आकर्षक विद्युत सजावट और भव्य आतिशबाजी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेगी।

आयोजन समिति ने दी जानकारी

आयोजन को लेकर नगर विजयादशमी उत्सव समिति के संरक्षक सियाराम गुप्ता, बीरेन्द्र गुप्ता समेत समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि नगर विजयादशमी उत्सव समिति द्वारा दशहरा पर्व का आयोजन नगरवासियों के लिए किया जाता है। आयोजन स्थल पर मंचीय एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का निर्माण तथा पुतला दहन की व्यवस्था समिति द्वारा की जा रही है।

55 फीट ऊंचा होगा रावण का पुतला

दशहरा पर्व को भव्य स्वरूप देने के लिए इस वर्ष 55 फीट ऊंचा रावण, जबकि 50-50 फीट ऊंचे मेघनाद और कुंभकरण के पुतले तैयार किए जा रहे हैं। पुतलों को तैयार करने के लिए कारीगरों लगे हुए है। आयोजन स्थल पर शाम 6 बजे से दर्शकों का प्रवेश शुरू होगा। बाहर से आए कलाकारों द्वारा सुमधुर भजनों, संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय एवं उत्सवमय बनाया जाएगा। इसके बाद परंपरागत रूप से पुतलों का दहन किया जाएगा।

प्रवेश और सुरक्षा व्यवस्था प्रशासन के जिम्मे

समिति ने स्पष्ट किया कि आम दर्शकों के आवागमन, पार्किंग, सुरक्षा व्यवस्था और प्रवेश द्वारों से संबंधित व्यवस्थाएं जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन एवं नगर निगम के अधीन रहेंगी। गेट नंबर-1 से आयुक्त निवास के सामने से राजनिवास की बगीचा की ओर से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी। इसी मार्ग से महाराजा पुष्पराज सिंह जूदेव, दिव्यराज सिंह सहित गणमान्य नागरिकों के प्रवेश की व्यवस्था बनाई गई है। गेट नंबर-2 से भी दशहरा मैदान में प्रवेश रहेगा। आम दर्शकों के लिए गुप्ता पेट्रोल पंप के बगल से लाडली लक्ष्मी मार्ग तथा सेंट्रल एकेडमी स्कूल के सामने से प्रवेश की व्यवस्था रहेगी।

सभी के लिए निःशुल्क रहेगा प्रवेश

नगर विजयादशमी उत्सव समिति ने बताया कि यह आयोजन नगर एवं जिले के आम नागरिकों के लिए पूर्णतः निःशुल्क रहेगा। समिति ने नगरवासियों से बड़ी संख्या में पहुंचकर दशहरा पर्व की इस पारंपरिक और भव्य आयोजन व्यवस्था में शामिल होने की अपील की है।

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