राजगढ़। मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं का अनूठा प्रयास अब पीएम मोदी तक पहुच गया है। रविवार को मन की बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्यावरा की महिलाओं के अनूठे प्रयास की प्रशंसा किए है। उन्होंने कहा कि इन महिलाओं ने जिस तरह से प्लास्टिक कचरे को समस्या नहीं, बल्कि समाधान बनाया और शहर को सुंदर बनाने के काम में लगी हुई है। यह बहुत ही तरीफ के काबिल है। पीएम ने कहा कि ब्यावरा की महिलाओं ने जिम्मेदारी समझी और स्वयं पहल करते हुए शहर में फैले प्लास्टिक कचरे और खाली बोतलों को एकत्र करना शुरू किया।
प्लास्टिक कचरे को ईको ब्रिक्स में बदला
मन की बात में पीएम मोदी ने बताया कि ब्यावरा की महिलाओं ने प्लास्टिक कचरे को ईको ब्रिक्स में बदलकर सार्वजनिक स्थानों के विकास और सौंदर्यीकरण में इस्तेमाल किया। इससे प्लास्टिक प्रदूषण कम हुआ और शहर सुंदर हुआ। जो प्लासटिक प्रदूषण के लिए खतरा माना जाता था, महिलाओं के इस प्रयास से शहर अच्छा हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ऐसे प्रयास पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। ब्यावरा की महिलाओं का यह प्रयास जनभागीदारी और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है।
महिलाओं की ऐसी मुहिम
असल में मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के ब्यावरा की महिलाओं ने एक अनूठी पहल के तहत शहर के प्लास्टिक कचरे को इको-ब्रिक्स में बदलना शुरू किया है। इस प्रयास से न केवल पर्यावरण संरक्षण हो रहा है, बल्कि सार्वजनिक स्थानों के सौंदर्यीकरण और महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं!
इस अनूठी मुहिम के मुख्य बिंदु
प्लास्टिक से इको-ब्रिक्स- महिलाओं ने अपने घरों और आस-पास के क्षेत्रों से कचरा और प्लास्टिक की बोतलें इकट्ठा करना शुरू किया। इसके बाद, इन बेकार प्लास्टिक वस्तुओं को बोतलों में कसकर भरा जाता है, जिससे ठोस इको-ब्रिक्स तैयार होती हैं।
शहर का सौंदर्यीकरण- एक समय में जो प्लास्टिक पूरे शहर में प्रदूषण का कारण बनता था, अब उसी से बनी इन अनोखी ईंटों (इको-ब्रिक्स) का उपयोग पार्क और सार्वजनिक स्थानों को सजाने और संवारने के लिए किया जा रहा है।
रोजगार के अवसर- कचरा प्रबंधन और इन पर्यावरण-अनुकूल ईंटों के निर्माण के जरिए स्थानीय स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं के लिए अतिरिक्त रोजगार और आय के साधन भी बने हैं।

