इंदौर। मध्यप्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से अब तक 24 लोगो की हुई मौत की घटना के बाद कांग्रेस नेता एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को इंदौर पहुचे। वे अस्पताल में भर्ती बीमार मरीजों से मुलाकात करने के साथ ही मृतकों के परिजनों से मुलाकात किए। राहुल गांधी ने इस दौरान सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यह सरकार की लापरवाही है कि वो पानी की व्यवस्था तक नही बना पा रही है। पानी की यह समस्या केवल एक शहर तक ही नही है।
ये कैसा आर्बन मॉडल
राहुल गांधी ने कहा कि यह कैसा आर्बन मॉडल है। जिसमें लोगो को पानी तक नही मिल पा रहा है। ये कहा जाता था कि देश को स्मार्ट सिटी दी जाएंगी। ये नए मॉडल की स्मार्ट सिटी है। पीने का पानी नहीं है। पानी पीकर लोग मरते हैं। ये है अर्बन मॉडल। राहुल गांधी ने कहा कि सरकार अपनी जिम्मेदारी नहीं निभा रही है। सरकार में कोई तो जिम्मेदार होगा, जिसने यहां ये काम करवाया है। कोई तो जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए। लोगों ने जो इलाज कराया है, मौतें हुई हैं उसके लिए सरकार को मुआवजा तो देना चाहिए।
यह कोई राजनीति नही
राहुल गांधी ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि यह कोई राजनीति नही है। वे नेता विपक्ष है और उनका दायित्व बनता है कि इस स्थित में वे लोगो के पास पहुचे और उनकी समस्या को लेकर आवाज उठाए। राहुल गांधी ने कहा के बीजेपी के डबल इंजन की सरकार है। आज पानी में जहर, हवा में जहर, दवा में जहर, जमीन में जहर है। अगर इस पर हिसाब मांगो तो फिर बुल्डोजर चल जाता है।
ऐसे रहा राहुल गांधी दौरा कार्यक्रम
इंदौर पहुचे राहुल गांधी सबसे पहले बॉम्बे हॉस्पिटल पहुचे और उन्होंने दूषित पानी से पीड़ित मरीजों और परिजन से मुलाकात की। इसके बाद राहुल गांधी भागीरथपुरा भी गए और दूषित पानी से जान गंवाने वाली गीता बाई और जीवनलाल के परिवार से मिले। उन्होंने चेक दिया। इसके बाद राहुल गांधी संस्कार गार्डन पहुंचे। यहां उन्होंने दूसरे प्रभावितों से मुलाकात की। सभी को राहुल ने एक लाख और सिंघार ने 50-50 हजार रुपए के चेक दिए। इस दौरान राहुल के साथ पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और अजय सिंह आदि कांग्रेस के नेता उनके साथ रहें।

