सतना के कंपनी बाग स्थित पुराने आबकारी भवन में शनिवार को प्रशासन का बुलडोजर चला, जहाँ बाल वाटिका के निर्माण के लिए आरक्षित भूमि से 16 परिवारों का अतिक्रमण हटाया गया। सालों से काबिज इन परिवारों को हटाने पहुंची टीम को भारी विरोध और हंगामे का सामना करना पड़ा।
कार्रवाई के दौरान स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब कुछ लोग भावुक होकर एसडीएम राहुल सिलाड़िया के पैरों में गिर पड़े और मकान खाली करने के लिए अतिरिक्त समय की गुहार लगाने लगे। इसी गहमागहमी के बीच, जब एसडीएम लोगों को समझाने के लिए झुके, तब एक बुजुर्ग महिला का डंडा उनकी आंख और नाक के पास जा लगा, जिससे वे कुछ देर के लिए असहज हो गए। हालांकि, मौके पर मौजूद भारी पुलिस बल ने तुरंत स्थिति को संभाला और कार्रवाई जारी रखी।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, वार्ड क्रमांक 41 की यह बेशकीमती जमीन बाल वाटिका प्रोजेक्ट के लिए चिन्हित है, जिस पर अवैध रूप से रह रहे परिवारों को पिछले तीन वर्षों से लगातार नोटिस दिए जा रहे थे। बार-बार दी गई समझाइश और स्वयं कब्जा छोड़ने के निर्देशों की अनदेखी के बाद शनिवार को सिटी कोतवाली पुलिस और नगर निगम की संयुक्त टीम ने बलपूर्वक जमींदोज करने की कार्रवाई की। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि अतिक्रमण मुक्त कराई गई इस भूमि को अब जल्द ही समतल किया जाएगा ताकि बाल वाटिका के निर्माण कार्य को गति दी जा सके। प्रशासन के इस कड़े रुख से इलाके के अन्य अतिक्रमणकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है।

