HPV Vaccine drive: कर्नाटक की सरकार ने 1 मार्च 2026 को राज्य भर में एचपीवी वैक्सीन आधारित टीकाकरण का अभियान शुरू कर दिया है। यह पहला बेंगलुरु समेत विभिन्न विभिन्न जिलों में शुरू की गई है जिसमें स्वास्थ्य विभाग और राज्य प्रशासन भी शामिल है। इसको शुरू करने का मुख्य उद्देश्य किशोर उम्र की लड़कियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाना है जो आमतौर पर किशोर उम्र की लड़कियों को एचपीवी संक्रमण के कारण होता है।

राज्य स्तर पर HPV Vaccine अभियान स्टार्ट
कर्नाटक सरकार ने ऑफिशियल रूप से एचपीवी वैक्सीन ड्राइव की शुरुआत की है। यह अभियान राज्य की सरकारी हॉस्पिटल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और सामुदायिक स्वास्थ्य इंस्टिट्यूट के माध्यम से संचालित किया जा रहा है। ऑफिशियल बयान में कहा गया है कि यह अभियान विशेष रूप से किशोर उम्र की लड़कियों को लक्षित कर रहा है ताकि उन्हें भविष्य में होने वाले सर्वाइकल कैंसर के खतरों से बचाया जा सके।
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति से जुड़ा है कदम
जानकारी के अनुसार यह पहला भारत सरकार के व्यापक कैंसर रोकथाम कार्यक्रम का एक हिस्सा है। जिसमें एचपीवी वैक्सीन को पब्लिकली रूप से स्वास्थ्य प्लानिंग का हिस्सा बनाकर, राज्य ने रोकथाम आधारित स्वास्थ्य मॉडल की दिशा में एक कदम बढ़ाया है। डॉक्टर के अनुसार ये ड्राइव आने वाले महीना में बड़े पैमाने पर लागू हो सकती है।
सर्वाइकल कैंसर रोकथाम हैं फोकस
सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण हुमन पपिल्लोमावायरस संक्रमण होता है। एचपी के कुछ प्रकार विशेष रूप से 16 और 18 की उम्र के अधिकांश मामले के लिए जिम्मेदार होते हैं एचपीवी वैक्सीन इन्हीं उच्च जोखिम वाले संक्रमण से सुरक्षा देता है। एचपीवी वैक्सीन इन्हीं उच्च रिस्क वाले संक्रमणों से सुरक्षा देती है।
लक्षित आयु वर्ग और एक्जीक्यूशन
राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह अभियान मुख्य रूप से किशोर उम्र की लड़कियों को ध्यान में रखकर शुरू किया गया। इसके लिए टीकाकरण सरकारी स्वास्थ्य के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। ऑफिशियल बारे में बताया गया कि इस कार्यक्रम को मिशन मोड में लागू किया जाएगा, ताकि अधिकतम कवरेज सुनिश्चित हो पाए।
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सार्वजनिक स्वास्थ्य पर क्या है प्रभाव
इस पहल से भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी आने की संभावना देखी जा सकती है। एचपीवी वैक्सीन आधारित रोकथाम नीति से राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली पर लंबे समय तक बोझ कम हो सकता है।
