Site iconSite icon SHABD SANCHI

मध्यप्रदेश में एग्जिट पोल पर रोक! जानें कब तक रहेगी पाबंदी

election commission of indiaelection commission of india

election commission of india

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 28 मार्च 2024 को अधिसूचना जारी कर दी गई है. अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि निर्वाचन के दौरान सभी मतदान क्षेत्रों में मतदान की समाप्ति के लिए नीयत समय पर समाप्त होने वाले 48 घंटो के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी ओपिनियन पोल या किसी अन्य मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामलों के प्रदर्शन पर भी पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।

मध्यप्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए पहले चरण का मतदान शुरू होने के 48 घंटे पहले से एग्जिट पोल और चुनाव परिणाम को लेकर किसी भी तरह का प्रकाशन प्रतिबंधित कर दिया है. यह प्रतिबंध एक जून की शाम तक प्रभावी रहेगा। इसका उल्लंघन करने वालों को साल की सजा या जुर्माना दोनों तरह की सजा दी जा सकेंगी। चुनाव आयोग से जारी किए गए नोटिफिकेशन के बाद मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी अनुपम राजन ने बताया कि आदर्श आचार संहिता के दौरान 19 अप्रैल की सुबह 7 बजे से एक जून की शाम 6:30 बजे तक निर्वाचन के संबंध में किसी भी प्रकार के एग्जिट पोल का प्रदर्शन नहीं होगा। साथ ही प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में इसके परिणाम का प्रकाशन या प्रचार करने पर प्रतिबंध रहेगा।

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 28 मार्च 2024 को अधिसूचना जारी कर दी गई है. अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि निर्वाचन के दौरान सभी मतदान क्षेत्रों में मतदान की समाप्ति के लिए नीयत समय पर समाप्त होने वाले 48 घंटो के दौरान किसी भी इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में किसी भी ओपिनियन पोल या किसी अन्य मतदान सर्वेक्षण के परिणामों सहित किसी भी प्रकार के निर्वाचन संबंधी मामलों के प्रदर्शन पर भी पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा।

कड़ी सजा का है प्रावधान

लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126 क में यह प्रावधनित किया है कि कोई भी व्यक्ति, कोई निर्गम मत सर्वेक्षण नहीं करेगा और किसी निर्गम मत सर्वेक्षण के परिणाम का ऐसी अवधि के दौरान, जो निर्वाचन आयोग द्वारा इस संबंध में अधिसूचित की जाए, प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशन या प्रचार या किसी भी प्रकार की अन्य रीति से प्रसार भी नहीं करेगा। यदि कोई व्यक्ति इस प्रावधान का उल्लंघन करेगा, तो वह ऐसी अवधि के कारावास से, जो दो वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से दंडनीय होगा।

Exit mobile version