दिल्ली। दिल्ली के संसद मार्ग थाने में हिंदूवादी संगठनों ने शनिवार को धरना आंदोलन करके स्वतंत्र भारद्वाज का समर्थन किए है। प्रदर्शनकारी स्वतंत्र की रिहाई की मांग कर रहे हैं। उनके अनुसार, निशु आजाद ने स्वतंत्र भारद्वाज पर बेबुनियाद आरोप लगाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। इतना ही नही प्रदर्शनकारी निशु पर हिंदू देवी देवताओं का अपमान करने का भी आरोप लगा रहे है।
यूपी से गिरफ्तार हुआ स्वतंत्र भारद्वाज
ज्ञात हो कि दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से स्वतंत्र भारद्वाज को हिरासत में लिया है। उसकी यह गिरफ्तार जुलाई में दिल्ली में हुए एक प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी निशू आजाद के पिता संजय कुमार पर कथित हमले के मामले में की गई है।
एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग का आरोप
संसद मार्ग थाने पर प्रदर्शन कर रहे हिंदूवादी संगठनों ने एससी/एसटी एक्ट के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। ज्ञात हो कि पुलिस ने भारद्वाज के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में एससी/एसटी अधिनियम, बीएनएस के तहत पीछा करने, महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने और आईटी एक्ट की धाराएं जोड़ी हैं। उसके खिलाफ पॉक्सो का केस भी दर्ज किया गया है। सीजेपी के सह संयोजक सौरभ दास ने यह जानकारी दी।
यह था मामला
बताया जा रहा है कि जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान एक छात्रा निशु आजाद के पिता का सिर फट गया था। भारद्वाज ने एक पॉडकास्ट में स्वीकार किया था कि उसने निशु के पिता संजय कुमार की खोपड़ी फोड़ दी थी। फिर भी सिर्फ एक रात में थाने से छूट गया। वीडियो वायरल होने के बाद शुक्रवार को सीजेपी कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया था। पुलिस ने आंदोलन कारियों को दिए गए आश्वासन के महज चार घंटे में ही स्वतंत्र भारद्वाज को पकड़ लिया।

