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विंध्य को बड़ी सौगात: रीवा में हाईटेक ‘सेंसर वाले कृत्रिम अंग’ निर्माण इकाई शुरू, डिप्टी सीएम ने किया लोकार्पण

High-tech 'sensor-equipped artificial limb' manufacturing unit launched in Rewa; Deputy CM inaugurates it.High-tech 'sensor-equipped artificial limb' manufacturing unit launched in Rewa; Deputy CM inaugurates it.

High-tech 'sensor-equipped artificial limb' manufacturing unit launched in Rewa; Deputy CM inaugurates it.

रीवा: विंध्य क्षेत्र के दिव्यांगजनों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर है। रीवा की रेड क्रॉस सोसाइटी में प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने नवीन कृत्रिम अंग निर्माण इकाई का भव्य शुभारंभ किया। इस अत्याधुनिक केंद्र के शुरू होने से अब रीवा सहित पूरे विंध्य अंचल के दिव्यांगों को कृत्रिम अंगों (आर्टिफिशियल लिम्ब्स) के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। इस इकाई में कंप्यूटर और सेंसर आधारित आधुनिक उपकरण स्थापित किए गए हैं, जिससे अब उच्च गुणवत्ता वाले अंग स्थानीय स्तर पर ही बहुत ही कम समय में तैयार किए जा सकेंगे।

जयपुर पर निर्भरता खत्म, रीवा रेड क्रॉस बना आत्मनिर्भर
लोकार्पण के उपरांत कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि पहले जब भी दिव्यांगों को कृत्रिम अंग लगाने की बात होती थी, तो सभी को जयपुर की संस्था पर निर्भर रहना पड़ता था। दूर होने के कारण अंग बनकर आने में काफी विलंब होता था, जिससे जरूरतमंदों को लंबा इंतजार करना पड़ता था। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि साल 2003 और 2008 के बीच विधायक रहते हुए उन्होंने एक बड़ा विकलांग मेगा शिविर आयोजित किया था, जिसमें जयपुर की टीम आई थी और हजारों लोगों को लाभान्वित किया गया था। लेकिन अब रीवा रेड क्रॉस इस दिशा में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो चुका है।

डॉक्टरों और एक्सपर्ट तकनीशियनों की टीम संभालेगी मोर्चा
उप-मुख्यमंत्री ने बताया कि समय की मांग को देखते हुए इस नई यूनिट में बेहद आधुनिक मशीनें लगाई गई हैं, जो दिव्यांगजनों को बड़ी राहत देंगी। अब रीवा में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों और योग्य तकनीशियनों की एक समर्पित टीम हमेशा उपलब्ध रहेगी। यह टीम न सिर्फ कृत्रिम अंग तैयार करेगी, बल्कि दिव्यांगजनों को त्वरित राहत देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य भी करेगी। इस इकाई के प्रारंभ होने से विंध्य क्षेत्र के हजारों दिव्यांगों के जीवन में एक नया सवेरा आएगा।

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