Hidden Symptoms Of Heart Attack : साइलेंट हार्ट अटैक का कारण है एक विशेष-बीमारी,कम उम्र में भी बड़ा खतरा-आजकल अचानक और बिना किसी स्पष्ट लक्षण के होने वाले साइलेंट हार्ट अटैक (Silent Heart Attack) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। यह स्थिति न केवल बुजुर्गों बल्कि युवाओं के लिए भी गंभीर खतरे का संकेत बन चुकी है। राजधानी में आयोजित पांचवें हार्मोन इंडिया सेमिनार में हृदय रोग विशेषज्ञों ने इस बढ़ते खतरे को लेकर चौंकाने वाला खुलासा किया। विशेषज्ञों के अनुसार, मधुमेह यानी डायबिटीज अब साइलेंट हार्ट अटैक की सबसे बड़ी वजह बन चुकी है, जो दिल की नसों को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचाकर जानलेवा स्थिति पैदा कर रही है। डॉक्टरों का बड़ा खुलासा यह है की साइलेंट हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण बन रही है डायबिटीज तो जानिए कैसे मधुमेह बदल रहा है दिल की बीमारी का पैटर्न और कैसे करें बचाव।
डायबिटीज से बदल रहा दिल की बीमारी का पैटर्न
सेमिनार में विशेषज्ञों ने बताया कि डायबिटीज के कारण हृदय रोगों का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। पहले जहां हार्ट अटैक के स्पष्ट लक्षण दिखाई देते थे, वहीं अब डायबिटीज के मरीजों में बिना दर्द और चेतावनी के साइलेंट अटैक हो रहा है।
हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार
मधुमेह की वजह से दिल की बड़ी नसें धीरे-धीरे ब्लॉक होती जाती हैं, जिससे कम उम्र में भी हार्ट अटैक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।” विशेषज्ञ कहते हैं कि मधुमेह के कारण हार्ट में खराब कोलेस्ट्रॉल और विशेष प्रकार के प्रोटीन का जमाव बढ़ जाता है, जिससे हार्ट फेल्योर और ब्रेन स्ट्रोक का जोखिम भी बढ़ रहा है।
रात में ब्रेन स्ट्रोक-सुबह में हार्ट अटैक का बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों के अनुसार, हाल के वर्षों में यह देखा जा रहा है कि रात के समय ब्रेन स्ट्रोक,सुबह के समय हार्ट अटैकके मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इन मामलों में स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते, जिससे समय पर इलाज नहीं हो पाता और मरीज की जान जोखिम में पड़ जाती है।
डायबिटीज की नई दवाएं-दिल का सुरक्षा कवच
सेमिनार में यह भी बताया गया कि अब डायबिटीज के इलाज का पैटर्न बदल रहा है। पहले जहां दवाओं का लक्ष्य केवल ब्लड शुगर को नियंत्रित करना था, वहीं अब ऐसी दवाएं उपलब्ध हैं जो हार्ट को सुरक्षित रखने में भी मदद करती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, नई दवाएं-हार्ट अटैक की संभावना कम करती हैं,हार्ट फेल्योर से बचाव करती हैं और किडनी और अन्य अंगों की सुरक्षा भी करती हैं। अब डायबिटीज और हार्ट का संयुक्त इलाज-Integrated Treatment Approach अपनाया जा रहा है।
छिपे लक्षण और मानसिक तनाव भी बड़ा कारण
हृदय रोग विशेषज्ञों ने बताया कि डायबिटीज से जुड़ी दिल की बीमारी के लक्षण बेहद छिपे हुए होते हैं, जिससे मरीज को लंबे समय तक कोई परेशानी महसूस नहीं होती। इसके अलावा, मानसिक तनाव (Stress) और डिप्रेशन भी दिल की बीमारी को बढ़ावा दे रहे हैं। आंकड़ों के अनुसार प्रति 100 मरीजों में लगभग 10 मरीज मानसिक तनाव के कारण हार्ट रोग से ग्रसित पाए जा रहे हैं।
वास्तविक मामलों से से समझाए खतरे के संकेत
चिकित्सकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कई ऐसे मरीज सामने आए हैं जो वर्षों से डायबिटीज से पीड़ित थे लेकिन उन्हें हार्ट से जुड़ी कोई शिकायत नहीं थी। जांच में जब कोरोनरी एंजियोग्राफी की गई तो दिल की तीन प्रमुख नसों में गंभीर ब्लॉकेज पाया गया। एक अन्य चिकित्सक ने स्वयं का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्हें हाल ही में डायबिटीज का पता चला और जांच में यह सामने आया कि कम समय में ही उनका दिल गंभीर रूप से प्रभावित हो चुका था।
निष्कर्ष (Conclusion)-डायबिटीज अब केवल ब्लड शुगर की बीमारी नहीं रह गई है, बल्कि यह दिल के लिए साइलेंट किलर बन चुकी है। बदलती जीवनशैली, गलत खानपान, मानसिक तनाव और शारीरिक निष्क्रियता के कारण यह खतरा तेजी से बढ़ रहा है। समय पर ब्लड शुगर कंट्रोल, नियमित हार्ट चेकअप, संतुलित आहार और व्यायाम अपनाकर इस जानलेवा खतरे से बचा जा सकता है। जागरूकता और सतर्कता ही साइलेंट हार्ट अटैक से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

