Site iconSite icon SHABD SANCHI

Anti Paper leak Bill : इस वजह से प्रहलाद जोशी ने नहीं पेश किया एंटी-पेपर लीक बिल, जानकार हो जाओगे हैरान

Anti Paper leak Bill : सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए आज लोकसभा में पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत इस्तेमाल की रोकथाम) अमेंडमेंट बिल, 2026 पेश किया। सरकार की तरफ से केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बिल पेश किया। सोशल मीडिया पर यह बात चल रही है कि शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी की जगह जितेंद्र सिंह ने बिल क्यों पेश किया। जोशी के बिल पेश न कर पाने के कई खास कारण थे।

जितेंद्र सिंह के बिल पेश करने के दो खास कारण | Anti Paper leak Bill

प्रहलाद जोशी ने एजुकेशन मिनिस्ट्री का चार्ज संभाला

जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया, जिसके बाद PM मोदी ने एजुकेशन मिनिस्ट्री की ज़िम्मेदारी प्रहलाद जोशी को सौंप दी। लीडरशिप में यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब भारत के एजुकेशन सिस्टम में बड़े बदलाव हो रहे हैं। सरकार नेशनल एजुकेशन पॉलिसी 2020 को लागू करने और स्कूलों के लिए नया करिकुलम लाने में बिज़ी है। सरकार को उम्मीद है कि प्रहलाद जोशी के अनुभव से एजुकेशन सेक्टर में चल रहे सुधारों में तेज़ी आएगी। एजुकेशन मिनिस्टर की ज़िम्मेदारी संभालने के बाद प्रहलाद जोशी ने कहा कि वह PM मोदी की उम्मीदों पर खरा उतरने की कोशिश करेंगे।

हाई-पावर टास्क फोर्स का गठन | Anti Paper leak Bill

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 23 जुलाई को जनरल असेंबली से जो वादा किया था, उसे पूरा करते हुए उनके आदेश पर एक फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाया गया। प्रधानमंत्री ने नंदन नीलेकणि की लीडरशिप में एक हाई-पावर टास्क फोर्स भी बनाई और सरकार ने पेपर लीक रोकने के लिए लोकसभा में एक नया बिल पेश किया। हालांकि, विपक्ष के हंगामे की वजह से एंटी-पेपर लीक बिल पर चर्चा नहीं हो पाई।

स्पीकर ने आम सहमति बनाने के लिए 3 घंटे दिए

जितेंद्र सिंह ने आज दोपहर 12 बजे पब्लिक एग्जामिनेशन (गलत इस्तेमाल की रोकथाम) अमेंडमेंट बिल, 2026 पेश किया, लेकिन हंगामे की वजह से बिल पर चर्चा नहीं हो पाई। विपक्ष बिल से पहले स्टूडेंट असॉल्ट के मुद्दे पर चर्चा चाहता है। सरकार नए बिल पर चर्चा करने पर ज़ोर दे रही है, जिसकी वजह से आज लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक, फिर दोपहर 2 बजे तक और अब शाम 5 बजे तक के लिए टाल दी गई। स्पीकर ने शाम 5 बजे तक का समय दिया है। स्पीकर ओम बिरला ने सभी पार्टियों को आम सहमति बनाने के लिए 3 घंटे का समय दिया था, यानी अब रूलिंग पार्टी और विपक्ष के बीच आम सहमति बनाने के लिए सिर्फ़ 2 घंटे बचे हैं।

Exit mobile version