Hema Malini’S haunted house Story : ड्रीमगर्ल ने खोले ज़िंदगी के राज़ कहा-“भूतों से पड़ चुका है पाला”

Hema Malini’S haunted house Story : ड्रीमगर्ल ने खोले ज़िंदगी के राज़ कहा – “भूतों से पड़ चुका है पाला”- इन दिनों सोशल मिडिया में ड्रीमगर्ल का एक इंटरव्यू…खूब रफ़्तार भर रहा है दरअसल-बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री एवं नृत्यांगना हेमा मालिनी का नाम चमक-दमक और सफलता का पर्याय है। लेकिन उनके सफर की शुरुआत आसान नहीं थी। अपनी आत्मकथा “बियॉन्ड द ड्रीम गर्ल” और कई इंटरव्यूज़ में उन्होंने अपने संघर्ष और डरावने अनुभवों के बारे में खुलकर बात की है। इन्हीं में से एक है उनके करियर के शुरुआती दौर का एक ऐसा डरावना किस्सा, जिसे याद करके आज भी उनकी “रूह कांप जाती है”। बॉलीवुड की “ड्रीम गर्ल” हेमा मालिनी ने अपनी आत्मकथा में एक डरावने राज़ का खुलासा किया है। जानिए कैसे एक “भूतिया” बंगले में उन्हें हर रात ऐसा लगता था मानो कोई उनका गला दबा रहा है, सांस लेना मुश्किल हो जाता था। पढ़िए उनके संघर्ष के दिनों की यह हैरान करने वाली कहानी।

मुंबई में ड्रीमगर्ल और “भूतिया” बंगला

चेन्नई से मुंबई आने के बाद हेमा मालिनी को छोटे अपार्टमेंट्स में रहने की मजबूरी का सामना करना पड़ा। हालिया जल्द ही उन्हें बांद्रा में एक बड़ा बंगला मिल गया। पहले तो उन्हें लगा कि अब आराम मिलेगा, लेकिन यह बंगला उनके लिए डरावने अनुभवों का घर बन गया। हेमा इस बंगले को ‘भूतिया” मानती थीं।

हेमा ने कहा….”कोई गला दबा रहा है…रात को ऐंसा महसूस होता था”

हेमा मालिनी ने इस घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि उस बंगले में शिफ्ट होने के बाद उनकी रातें बुरे सपनों में तब्दील हो गईं। “हर रात मुझे ऐसा महसूस होता था जैसे कोई मेरा गला घोंटने की कोशिश कर रहा हो। मैं सांस नहीं ले पाती थी, तड़पने लगती थी।” शुरू में उन्होंने और उनकी माँ ने इसे नई जगह की बेचैनी समझा, लेकिन जब यह हर रात होने लगा, तो वे दोनों डर गईं। हेमा की माँ ने खुद देखा कि वह रातभर बेहद बेचैन रहती थीं।

घर छोड़ने पर मजबूर और नई शुरुआत

इस लगातार होने वाली डरावनी और अदृश्य घटनाओं ने हेमा मालिनी को उस बंगले को छोड़ने पर मजबूर कर दिया। साल 1972 में, जब वह सुपरहिट फिल्म “सीता और गीता” की शूटिंग कर रही थीं, उन्होंने जुहू में अपना पहला बंगला खरीदा। इस नए घर के चारों ओर हरियाली थी और यह एक गुजराती परिवार से खरीदा गया था। दिलचस्प बात यह है कि इसी घर में अक्सर धर्मेंद्र कॉफी पीने आया करते थे। हेमा कहती हैं कि तब उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि एक दिन वह उनकी पत्नी बनेंगी।

निष्कर्ष-हेमा मालिनी का यह डरावना अनुभव उनके संघर्ष के दिनों का एक अविस्मरणीय हिस्सा है। यह कहानी साबित करती है कि “ड्रीम गर्ल” का सफर भी कठिनाइयों और डर से भरा रहा है, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने न सिर्फ इस डर का सामना किया, बल्कि अपनी मेहनत और प्रतिभा से बॉलीवुड में एक अमिट पहचान बनाई। आज वह डरावना बंगला उनके जीवन का एक धुंधला सा, लेकिन चौंकाने वाला अध्याय भर है।


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