Helicopter Emergency Landing : पोर्ट ब्लेयर से अंडमान और निकोबार आइलैंड की राजधानी मायाबंदर जा रहे एक पवन हंस हेलीकॉप्टर की समुद्र में इमरजेंसी लैंडिंग हुई। अच्छी बात ये है कि उसमें सवार दो क्रू मेंबर और तीन यात्री सुरक्षित हैं। हेलीकॉप्टर को पानी से निकालने की कोशिशें जारी हैं। पवन हंस भारत की सबसे बड़ी सरकारी हेलीकॉप्टर कंपनी है। इसे स्काई बस सर्विस माना जा सकता है, जो उन जगहों पर जाती है जहाँ ट्रेन या बड़े हवाई जहाज़ नहीं पहुँच सकते। 1985 में बनी इस कंपनी का मेन फोकस देश के मुश्किल इलाकों को जोड़ना है।
यह कंपनी मुख्य रूप से तीन काम करती है | Helicopter Emergency Landing
- पहला, यह कर्मचारियों को समुद्र में मौजूद तेल के कुओं (जैसे ONGC प्लेटफॉर्म) तक पहुँचाती है।
- दूसरा, यह लोगों को पहाड़ों और आइलैंड, जैसे अंडमान और निकोबार आइलैंड और नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों तक आने-जाने के लिए ट्रांसपोर्टेशन देती है।
- तीसरा, यह केदारनाथ और माता वैष्णो देवी जैसी मुश्किल धार्मिक यात्राओं के लिए हेलीकॉप्टर सर्विस देती है।
पवन हंस के पास 40 से ज़्यादा हेलीकॉप्टर हैं और इसका हेडक्वार्टर नोएडा में है। अंडमान आइलैंड जैसे इलाकों में इसे लाइफलाइन माना जाता है, क्योंकि यह आइलैंड के बीच सफर को बहुत आसान और छोटा बनाता है।
स्पाइसजेट फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग | Helicopter Emergency Landing
इस बीच, दिल्ली से लेह जा रही स्पाइसजेट की एक फ्लाइट में टेकऑफ के तुरंत बाद तकनीकी खराबी आ गई, जिससे प्लेन को लेह जाने के बजाय दिल्ली एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। इमरजेंसी लैंडिंग इंजन नंबर 2 में खराबी की वजह से हुई। प्लेन में लगभग 150 पैसेंजर सवार थे।

