Heavy hailstorms in Rewa and Sidhi destroy crops: विंध्य क्षेत्र में मौसम के बदले मिजाज ने अन्नदाताओं की कमर तोड़ दी है। रीवा जिले की त्योंथर तहसील और सीधी जिले के चुरहट क्षेत्र में मूसलाधार बारिश के साथ हुई भीषण ओलावृष्टि ने गेहूं, चना, सरसों और मटर की फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है। कटाई के मुहाने पर खड़ी फसलें बर्बाद होने से किसानों के सामने गहरा आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
त्योंथर में ओलों की सफेद चादर, डिप्टी सीएम ने जताया भरोसा
रीवा की त्योंथर तहसील के बरेठी और कोराव सहित दर्जनों गांवों में अचानक हुई ओलावृष्टि इतनी तेज थी कि खेतों में ओलों की सफेद चादर बिछ गई। फसलें पूरी तरह जमींदोज हो गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के डिप्टी सीएम राजेंद्र शुक्ला ने प्रशासन को तत्काल सर्वे के निर्देश दिए हैं। उन्होंने किसानों को आश्वस्त किया है कि सरकार इस संकट की घड़ी में उनके साथ है और नुकसान का सही आकलन कर जल्द ही राहत राशि स्वीकृत की जाएगी।
चुरहट में रात भर बरसी आफत, एसडीएम ने तैनात किए पटवारी
उधर, सीधी जिले के चुरहट थाना क्षेत्र के पटपरा और आसपास के गांवों में रविवार रात से सोमवार सुबह तक प्रकृति का तांडव देखने को मिला। मूसलाधार बारिश और ओलों से फसलें टूटकर खेतों में ही बिखर गईं। स्थानीय किसानों ने बताया कि महीनों की मेहनत पल भर में नष्ट हो गई है। चुरहट एसडीएम वीके आनंद ने स्थिति का संज्ञान लेते हुए संबंधित पटवारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर सर्वे रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि प्रभावितों को समय पर मुआवजा मिल सके।
मुआवजे की आस में अन्नदाता
दोनों ही जिलों के प्रभावित ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से शीघ्र सहायता की गुहार लगाई है। किसानों का कहना है कि लागत भी निकलना मुश्किल हो गया है, ऐसे में सरकार का त्वरित मुआवजा ही एकमात्र सहारा है। फिलहाल, प्रशासनिक टीम प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का जायजा लेने में जुट गई है।

