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रीवा में अमर शहीद लाल पद्मधर सिंह को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, युवाओं ने लिया देशसेवा का संकल्प

Heartfelt tribute paid to the immortal martyr Lal Padmadhar Singh in Rewa.Heartfelt tribute paid to the immortal martyr Lal Padmadhar Singh in Rewa.

Heartfelt tribute paid to the immortal martyr Lal Padmadhar Singh in Rewa.

रीवा। रीवा के ऐतिहासिक शासकीय ठाकुर रणमत सिंह (टीआरएस) महाविद्यालय में बुधवार को विंध्य क्षेत्र के महान स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद लाल पद्मधर सिंह को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। महाविद्यालय परिसर में आयोजित विशेष कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, प्राध्यापकों और शहर के गणमान्य नागरिकों ने शिरकत की। सभी ने शहीद लाल पद्मधर सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित कर दो मिनट का मौन रखा और उनके देशप्रेम व अदम्य साहस का स्मरण किया।

तिरंगे की आन बान शान के लिए न्यौछावर कर दिए थे प्राण

कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने शहीद के जीवन और उनके अभूतपूर्व बलिदान पर प्रकाश डाला। लाल पद्मधर सिंह का जन्म 14 अगस्त 1914 को सतना जिले के कृपालपुर गाँव में एक प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ और ‘अगस्त क्रांति’ के दौरान 12 अगस्त 1942 को वे इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रों के विशाल जुलूस का नेतृत्व कर रहे थे और हाथ में राष्ट्रध्वज थामे आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान ब्रिटिश पुलिस की बर्बर गोलीबारी में सीने में गोली लगने के कारण वे शहीद हो गए थे। अंतिम सांस तक उन्होंने तिरंगे को ज़मीन पर नहीं गिरने दिया था।

विंध्य का गौरव हैं शहीद लाल पद्मधर सिंह

समारोह में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि अंग्रेजों की गोली खाकर भी राष्ट्रध्वज की मर्यादा बचाए रखना विंध्य क्षेत्र के लिए अत्यंत गर्व और सम्मान की बात है। उनका यह सर्वोच्च बलिदान युगों-युगों तक देशभक्ति की प्रेरणा देता रहेगा। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने अमर शहीद के आदर्शों और संघर्षों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने तथा देशसेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया।

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