Heart Attack Alone : आजकल हार्ट रोग बहुत सामान्य हो गए हैं। कम उम्र के लोगों में भी हार्ट अटैक के मामले बढ़ते ही जा रहे हैं। हार्ट अटैक एक मेडिकल इमरजेंसी होती है और इस स्थिति में कुछ सेकंड ही ज़िंदगी या मौत का फ़ैसला कर सकते हैं। इसलिए तुरंत सही कदम उठाना बेहद ज़रूरी होता है।
सबसे पहले लक्षण पहचानें
हार्ट अटैक के सामान्य शुरुआती लक्षण हैं, सीने में तेज़ दबाव या दर्द होना, दर्द बाएं हाथ, जबड़े या कमर तक फैल जाना, सांस लेने में कठिनाई और ठंडा पसीना, चक्कर आना, बेचैनी महसूस होना आदि जैसे संकेत जब आते हैं तो यह सभी संकेत हार्ट अटैक के होते हैं इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
इमरजेंसी सेवा (108) को तुरंत कॉल करें
जैसे ही हार्ट अटैक के लक्षण महसूस हों, तुरंत 108 या अपने लोकल इमरजेंसी नंबर पर कॉल करें और अपना पूरा दर्द और अपने घर के स्थान को स्पष्ट रूप से बताएं। कॉल तब तक रखिए नहीं, जब तक आपसे कहा न जाए।
अगर फोन आपसे नहीं उठ रहा, तो स्पीकर पर रखकर बात करें और अपने घर का दरवाज़ा खोलकर रखें जिससे आप तक मदद जल्दी पहुँच सके।

जरूरत हो तो, एस्पिरिन लें
अगर आप को एस्पिरिन से एलर्जी नहीं हैं और पहले से डॉक्टर ने अनुमति दी हुई है, तो आप एक एस्पिरिन की गोली चबाकर निगलें। यह ब्लड क्लॉट बनने से रोकने में मदद करेगा और हार्टअटैक से नुकसान होने को कम कर सकता है।
ध्यान रहे, एस्पिरिन सभी के लिए सुरक्षित नहीं होता है इसलिए पहले से डॉक्टर से सलाह लेकर रहे।
Safe और शांत स्थिति में रहें
अगर आपको बेचैनी सा या फिर हार्ट अटैक्स महसूस हो रहा है तो आपको सबसे पहले आराम से बैठना है और कोई भी गतिविधि नहीं करनी जैसे सीढ़ी पर चढ़ना आदि। अगर आपको चक्कर आ रहे हैं तो आप करवट लेकर लेट भी सकते हैं लेकिन पैनिक होने से ज्यादा शांत रहने की कोशिश करें क्योंकि पैनिक होने पर आपका हृदय पर अधिक दबाव बनता है।
किसी को सहायता के लिए बुलाएँ
अगर आप हार्ट अटैक की स्थिति में अकेले हैं तो अपनी मदद के लिए अपने दोस्त परिवार या पड़ोसी को तुरंत कॉल करें और बुलाए ताकि वह एंबुलेंस लेकर आ सके।
इन बातों से बचें
हार्ट अटैक होने की स्थिति में आप बिल्कुल भी ड्राइव ना करें बल्कि डॉक्टर के पास जल्द से जल्द पहुंचाने की कोशिश करें। हार्ट अटैक से बचने के लिए किसी भी प्रकार का घरेलू नुस्खा अपनाना खतरनाक हो सकता है इसलिए घरेलू उपाय पर भरोसा नहीं करें।
कई लोगों के अनुसार जोर-जोर से खांसने से हार्ट अटैक ठीक हो जाता है लेकिन ऐसा आपको नहीं करना है क्योंकि इसका कोई फायदा नहीं होता है।
विशेषज्ञ की सलाह क्यों महत्वपूर्ण है?
जैसा कि मेडिकल एक्सपर्ट बताते हैं, हार्ट अटैक के दौरान समय बहुत महत्वपूर्ण होता है और पहले 5 से 10 मिनट में सही कार्रवाई आपकी बची हुई ज़िंदगी को बढ़ा सकती है।
अगर संक्षेप में बात की जाए तो Heart Attack Alone या हार्ट अटैक के जैसा महसूस होने पर सबसे पहले लक्षण पहचाने और उसके बाद इमरजेंसी नंबर 108 पर तुरंत कॉल करें। जब तक एंबुलेंस नहीं आती खुद को शांत रखने की कोशिश करें क्योंकि अत्यधिक बेचैन होने से आपकी तबीयत और खराब हो सकती है। हालांकि यह जानकारी एक केवल सामान्य हेल्थ सुझाव है मेडिकल सलाह के लिए या किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या के लिए डॉक्टर से राय ले।
