रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अमहिया थाने में नशे की हालत में घंटों हाईवोल्टेज ड्रामा करने वाले प्रधान आरक्षक अच्छेलाल सिंह पर आखिरकार गाज गिर ही गई। गुरुवार को पुलिस अधीक्षक गुरुकरण सिंह ने कड़ी कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई थाने के भीतर खाकी को शर्मसार करने वाले तीन वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद की गई, जिसमें मुंशी खुद दो बोतल शराब पीने की बात खुलेआम स्वीकार करता और पुलिस महकमे के बड़े अफसरों के नाम पर रौब गालिब करता नजर आ रहा है।
वायरल वीडियो में प्रधान आरक्षक अच्छेलाल सिंह थाने के अंदर लड़खड़ाते और चीखते हुए कहते दिख रहे हैं, “मैंने आज दो बोतल शराब पी है—एक सफेद वाली पौआ और एक विदेशी वाली नंबर-1। अब पी है तो पी है!” इसके बाद हंगामे के दौरान उन्होंने खुद को ‘पुलिस लाइन का गुंडा’ तक घोषित कर दिया। इतना ही नहीं, खुद को पूर्व पुलिस अधिकारियों का करीबी बताते हुए उन्होंने थाने में जमकर गदर मचाया। अमहिया थाने में चले इस ड्रामे ने पुलिस की साख पर गहरा धक्का लगाया है, जिससे विभागीय अनुशासन की धज्जियां उड़ती साफ नजर आईं।
हैरानी की बात यह है कि यह पूरी घटना ऐसे समय में सामने आई है जब रीवा पुलिस जिले भर में ‘नशे से दूरी है जरूरी 2.0’ अभियान चलाकर आम जनता को नशे के खिलाफ जागरूक कर रही है। एक तरफ जहां पुलिसकर्मी लोगों को नशे से दूर रहने की सीख दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ थाने के भीतर खुद पुलिसकर्मी का यह रूप पुलिस महकमे की छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। इससे पहले भी समान थाना क्षेत्र से एक मुंशी का नशे में धुत वीडियो सामने आ चुका है, जिससे विभाग में सुधरते अनुशासन के दावों की पोल खुलती दिख रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी गुरुकरण सिंह ने तुरंत संज्ञान लिया और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी प्रधान आरक्षक को सस्पेंड कर दिया। एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में इस तरह की अनुशासनहीनता और अमर्यादित आचरण को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल सस्पेंशन के साथ ही विभागीय जांच के आदेश दे दिए गए हैं, जिसकी विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ नियमानुसार कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

