सतना जिले में पिछले कई घंटों से लगातार जारी मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बरसात के चलते नदियां और नाले उफान पर हैं, जिससे जिले के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं और प्रमुख यातायात मार्ग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
रेल यातायात पूरी तरह ठप, 12 ट्रेनें रोकी गईं
मूसलाधार बारिश के कारण शरभंग नदी का पानी उफान पर आ गया है, जिससे मुंबई-हावड़ा रेल मार्ग के महत्वपूर्ण सतना-मानिकपुर रेलखंड पर शनिवार को यातायात पूरी तरह ठप हो गया। चितहरा और मझगवां स्टेशनों के बीच रेलवे ट्रैक के ऊपर पानी का तेज बहाव होने के कारण सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया है। इस दौरान गोदान एक्सप्रेस सहित करीब 12 ट्रेनों को सतना, मानिकपुर और मझगवां स्टेशनों पर सुरक्षित खड़ा करना पड़ा। अचानक ट्रेनें रुकने से यात्रियों को घंटों तक रेलवे स्टेशनों पर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। रेलवे प्रशासन लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए है और ट्रैक से पानी का बहाव पूरी तरह कम होने के बाद ही ट्रेनों का संचालन दोबारा सुचारू रूप से शुरू किया जाएगा।
पिंडरा नदी के उफान से मुख्य सड़क टूटी, बहा ट्रक
दूसरी ओर, जिले के मझगवां क्षेत्र में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। यहां पिंडरा नदी उफान पर आ गई है, जिसके तेज बहाव के दबाव से गोविंद कृपा पेट्रोल पंप के पास मुख्य सड़क का एक बड़ा हिस्सा अचानक टूट गया। सड़क टूटने के कारण वहां से गुजर रहा एक भारी ट्रक पानी के तेज बहाव में फंसकर अनियंत्रित हो गया और सड़क के धंसे हुए गहरे हिस्से में जा धंसा। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई तथा सुरक्षा के लिहाज से आवागमन को पूरी तरह नियंत्रित किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि नदी का जलस्तर कम होने और बाढ़ का खतरा टलने के बाद क्रेन की मदद से ट्रक को बाहर निकालने और मुख्य सड़क की त्वरित मरम्मत का कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया जाएगा।

