Digvijaya Singh’s Journey From Ujjain to Ayodhya: राम मंदिर के चढ़ावे और निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर हमला बोला है। मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि यह मुद्दा सिर्फ आर्थिक अनियमितताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, विश्वास और भावनाओं से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए।
Digvijaya Singh’s Journey From Ujjain to Ayodhya: मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने शुक्रवार को इंदौर में मीडिया से बातचीत के दौरान राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाए गए चंदे से जुड़े मुद्दे पर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम करोड़ों भारतीयों की आस्था, संस्कृति और नैतिक मूल्यों के प्रतीक हैं।
‘श्रद्धालुओं के विश्वास से जुड़ा है मामला’
हरीश चौधरी ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर के गरीब, किसान, मजदूर, महिलाओं और लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी मेहनत की कमाई, बचत और यहां तक कि गहने भी श्रद्धा के साथ समर्पित किए थे। उनका कहना था कि भाजपा, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उनसे जुड़े संगठनों ने वर्षों तक भगवान राम के नाम पर जनभावनाओं को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल किया और उसी आधार पर सत्ता तक पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि मंदिर निर्माण से जुड़े चंदे या वित्तीय प्रबंधन में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो यह केवल आर्थिक मामला नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा गंभीर विषय है। इसलिए पूरे प्रकरण की सर्वोच्च स्तर पर स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए।
दिग्विजय सिंह की पदयात्रा पर कांग्रेस का रुख
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक की पदयात्रा को लेकर पूछे गए सवाल पर चौधरी ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत यात्रा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस यात्रा का कांग्रेस संगठन से कोई आधिकारिक संबंध नहीं है।
‘प्रदेश में कानून-व्यवस्था चिंताजनक’
मध्य प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कांग्रेस प्रभारी ने कहा कि प्रदेश में अपराध, भ्रष्टाचार और संगठित आर्थिक अनियमितताओं के आरोप लगातार बढ़ रहे हैं। उनके अनुसार महिलाओं के खिलाफ अपराध, नशा तस्करी, माफियाओं की सक्रियता और प्रशासनिक अव्यवस्था ने राज्य की छवि को प्रभावित किया है।
उज्जैन भूमि प्रकरण की भी उठाई जांच की मांग
उज्जैन भूमि मामले का उल्लेख करते हुए चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पहले भी यह मांग कर चुकी है कि जिन मामलों में मुख्यमंत्री से जुड़े लोगों पर भूमि खरीद, भूमि उपयोग परिवर्तन और सरकारी फैसलों से निजी लाभ मिलने के आरोप लगे हैं, उनकी किसी स्वतंत्र एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी निर्णय से मुख्यमंत्री या उनके करीबी रिश्तेदारों एवं सहयोगियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ मिला है तो यह गंभीर नैतिक और प्रशासनिक सवाल है, जिसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
नाना पटवारी मामले में भी साफ किया पार्टी का रुख
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी पर लगाए जा रहे आरोपों को लेकर हरीश चौधरी ने कहा कि कांग्रेस किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं मानती। यदि किसी के खिलाफ तथ्यात्मक शिकायत है तो उसकी निष्पक्ष और कानून के अनुसार जांच होनी चाहिए।
हालांकि उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि वह जांच एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए न करे। चौधरी ने कहा कि विपक्षी नेताओं की छवि खराब करने के उद्देश्य से सरकारी एजेंसियों का दुरुपयोग लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

