मध्यप्रदेश के इन जिलों में गिरे ओले, हुई बारिश, रीवा समेत 20 जिलों में अलर्ट

एमपी वेदर। मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ले लिया है। जिसके असर से प्रदेश के कई इलाकों में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी है। राजधानी भोपाल में मंगलवार तड़के बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के बाद अब कोहरे की मार बढ़ेगी और अगले कुछ दिनों तक दृश्यता प्रभावित रह सकती है।

यहां का बिगड़ा मौसम

मौसम में आए बदलाव के बाद ग्वालियर और मंदसौर जिले में ओले गिरे, जबकि भोपाल, भिंड, छतरपुर, राजगढ़, आगर-मालवा और गुना में बारिश हुई। इससे पहले सुबह रायसेन में ओस की बूंदें जम गईं। ग्वालियर में ओले गिरे, जिससे फसलों को नुकसान हुआ है। भोपाल और सीहोर में 50 मीटर तक विजिबिलिटी दर्ज की गई। यानी, यहां पर 50 मीटर के बाद कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। दतिया, रायसेन, उज्जैन, मुरैना, देवास, धार, इंदौर, खजुराहो, रीवा, सतना, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, राजगढ़, रतलाम, श्योपुर, शिवपुरी कोहरे के आगोश में रहे। इसके साथ ही मंडला, नौगांव, टीकमगढ़, मलाजखंड भी घने और मध्यम कोहरे का असर दिखा। इस वजह से दिल्ली से भोपाल, इंदौर आने वाली कई ट्रेनें अपने निर्धारित समय से लेट चल रही हैं।

रीवा समेत 20 जिलों में अलर्ट

मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटो के दौरान भोपाल, ग्वालियर, रीवा समेत 20 जिलों में मावठा गिरने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के कारण बनी हुई है। 5 फरवरी को पश्चिम-उत्तरी भारत में एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसका असर मध्य प्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसके चलते 10 फरवरी तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की संभावना बनी रहेगी। इसके अलावा जेट स्ट्रीम हवाओं ने भी मौसम को प्रभावित किया है।

बढ़ेगी ठंड

हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश से जनजीवन प्रभावित है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही यह सिस्टम वापस लौटेगा, मध्य प्रदेश में एक बार फिर ठंड का असर तेज होगा और दिन-रात के तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी। बारिश का दौर थमने के बाद ठंड का एक दौर आ सकता है।

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