India’s first Telecom Manufacturing Zone: मध्य प्रदेश के ग्वालियर में करीब 350 एकड़ क्षेत्र में देश का पहला Telecom Manufacturing Zone (TMZ) विकसित किया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पहले चरण के लिए 493 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इस अत्याधुनिक हब में मोबाइल फोन, फाइबर ऑप्टिक्स, टेलीकॉम नेटवर्क उपकरण, सेमीकंडक्टर और 5G-6G Technology से जुड़े उत्पादों का निर्माण तथा अनुसंधान (R&D) किया जाएगा, जिससे ग्वालियर देश के प्रमुख टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन सेंटर के रूप में उभर सकेगा।
India’s first Telecom Manufacturing Zone: मध्य प्रदेश का ग्वालियर अब देश के टेलीकॉम उद्योग में नई पहचान बनाने जा रहा है। केंद्र सरकार ने यहां देश का पहला Telecom Manufacturing Zone (TMZ) विकसित करने के लिए पहले चरण में 493 करोड़ रुपये की शत-प्रतिशत वित्तीय सहायता को मंजूरी दी है। करीब 350 एकड़ क्षेत्र में बनने वाला यह प्रोजेक्ट ग्वालियर को भारत के प्रमुख Telecom Hub के रूप में स्थापित करेगा।
30 जुलाई को होगा एमओयू, विज्ञान भवन में होगा समझौता
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर 30 जुलाई को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। यह करार भारत सरकार के दूरसंचार विभाग और मध्य प्रदेश शासन के उद्योग विभाग के बीच होगा। कार्यक्रम में केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहेंगे। इस समझौते को भारत के दूरसंचार विनिर्माण क्षेत्र में एक अहम कदम माना जा रहा है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन
ग्वालियर में बनने वाला Telecom Manufacturing Zone आधुनिक Plug-and-Play Model पर विकसित किया जाएगा। इसका उद्देश्य उद्योगों को पहले से तैयार आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि कंपनियां कम समय में उत्पादन शुरू कर सकें। परियोजना के पहले चरण में इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए केंद्र सरकार ने 493 करोड़ रुपये की पूरी वित्तीय सहायता स्वीकृत की है।
मोबाइल, नेटवर्क उपकरण और 6G तकनीक पर होगा फोकस
इस अत्याधुनिक विनिर्माण परिसर में मोबाइल फोन, टेलीकॉम नेटवर्क उपकरण, फाइबर ऑप्टिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। साथ ही 5G और भविष्य की 6G Technology से जुड़े अनुसंधान एवं विकास (R&D) कार्य भी यहीं संचालित होंगे। इससे देश में आधुनिक टेलीकॉम उपकरणों के स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और आयात पर निर्भरता कम होगी।
सेमीकंडक्टर मिशन को मिलेगा नया आधार
यह परियोजना केंद्र सरकार की Semiconductor Mission और Electronics Manufacturing से जुड़ी योजनाओं के अनुरूप विकसित की जाएगी। यहां रिसर्च, डिजाइन, निर्माण और सप्लाई चेन जैसी पूरी प्रक्रिया एक ही परिसर में संचालित की जाएगी, जिससे उत्पादन की लागत कम होगी और उद्योगों की कार्यक्षमता में बढ़ोतरी होगी।
निवेश, रोजगार और स्टार्टअप्स को मिलेगा बड़ा अवसर
Telecom Manufacturing Zone के शुरू होने से ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आने की उम्मीद है। इसके साथ ही हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। MSME, टेक्नोलॉजी आधारित Startups और स्थानीय उद्यमियों को भी नए व्यवसायिक अवसर मिलेंगे, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
सिंधिया की पहल से ग्वालियर को मिली राष्ट्रीय पहचान
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रयासों के बाद ग्वालियर को देश के पहले Telecom Manufacturing Zone के लिए चुना गया है। यह परियोजना न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पूरे देश के टेलीकॉम और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके पूरा होने के बाद ग्वालियर की पहचान एक आधुनिक औद्योगिक, तकनीकी और नवाचार केंद्र के रूप में और मजबूत होगी।

