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रीवा के नए SP गुरुकरण सिंह ने संभाला पद, बोले- नशे के सौदागरों और अपराधियों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति

Gurukaran Singh takes charge as the new SP of Rewa.Gurukaran Singh takes charge as the new SP of Rewa.

Gurukaran Singh takes charge as the new SP of Rewa.

रीवा। मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के सबसे महत्वपूर्ण जिलों में शुमार रीवा की सुरक्षा व्यवस्था की कमान अब भारतीय पुलिस सेवा के अनुभवी अधिकारी गुरुकरण सिंह के हाथों में आ गई है। 2014 बैच के आईपीएस अधिकारी गुरुकरण सिंह ने आज औपचारिक रूप से रीवा के नवागत पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में पदभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद उन्होंने निवर्तमान एसपी शैलेंद्र सिंह चौहान से मुलाकात कर जिले की संवेदनशील कानून-व्यवस्था और वर्तमान चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की।


11 साल बाद वापसी: प्रशिक्षु से कप्तान तक का सफर

पदभार ग्रहण करने के बाद मीडिया से चर्चा करते हुए एसपी गुरुकरण सिंह ने एक भावुक और रणनीतिक पक्ष साझा किया। उन्होंने बताया कि रीवा जिले से उनका पुराना नाता है। करीब 11 साल पहले (2015-16 में) उन्होंने अपने करियर की शुरुआत यहीं से की थी। तब वे प्रशिक्षु आईपीएस के तौर पर गोविंदगढ़ थाना प्रभारी के रूप में तैनात थे। उन्होंने कहा कि एक दशक में रीवा का स्वरूप बदला है, शहरीकरण बढ़ा है और इसके साथ ही अपराध के तरीकों और पुलिसिंग की चुनौतियों में भी बड़ा बदलाव आया है। नरसिंहपुर, दतिया और नर्मदापुरम जैसे जिलों में सफल कप्तानी कर चुके श्री सिंह के पास अब रीवा की जटिल समस्याओं को सुलझाने का बड़ा दारोमदार है।

नशे के ‘नेक्सस’ पर प्रहार: यूपी पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से होगा तालमेल

नवनियुक्त एसपी ने अपनी प्राथमिकताओं में नशे के कारोबार को सबसे ऊपर रखा है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि पुलिस अब केवल फुटकर विक्रेताओं या नशा करने वालों को पकड़कर शांत नहीं बैठेगी। पुलिस की रणनीति अब नशे के पूरे ‘सप्लाई चेन’ और ‘नेक्सस’ को जड़ से उखाड़ने की होगी। चूंकि रीवा की सीमा उत्तर प्रदेश से सटी हुई है, इसलिए नशे के सौदागर सीमा पार से सक्रिय रहते हैं। एसपी ने कहा कि:

“हम नशे के नेटवर्क के पीछे तक जाएंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों की पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय (Coordination) स्थापित किया जाएगा ताकि ड्रग्स की आवक को पूरी तरह रोका जा सके।”

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