गुरुग्राम कंबल वितरण अभियान: पार्षद कुणाल यादव की ठंड में राहत पहल

Councillor Kunal Yadav distributing blankets to needy people during winter relief drive in Gurugram

कड़ाके की ठंड के बीच गुरुग्राम कंबल वितरण अभियान के तहत नगर निगम के वार्ड 23 में जरूरतमंद लोगों को राहत पहुंचाई गई। इस पहल का उद्देश्य खुले इलाकों और श्रमिक बस्तियों में रह रहे परिवारों को सर्दी से सुरक्षित रखना था। अभियान में स्थानीय प्रतिनिधियों और सामाजिक संस्था की सक्रिय भागीदारी रही।

ठंड के मौसम में ज़मीनी राहत पर फोकस

सर्दियों के दौरान तापमान गिरने से सबसे अधिक असर असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों, बुज़ुर्गों और बच्चों पर पड़ता है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए गुरुग्राम के कई संवेदनशील इलाकों में कंबल वितरण किया गया। अभियान का फोकस उन स्थानों पर रहा, जहां लोग खुले में या अस्थायी आश्रयों में रहने को मजबूर हैं।

किन इलाकों में पहुंची मदद

राहत सामग्री का वितरण चक्करपुर गांव, लेबर चौक, फेज-1 क्रॉस रोड्स और आसपास की श्रमिक बस्तियों में किया गया। इन इलाकों में रात के समय ठंड का असर अधिक रहता है। कंबल मिलने से कई परिवारों को तात्कालिक राहत मिली और दैनिक जीवन में कुछ हद तक स्थिरता आई।

गुरुग्राम कंबल वितरण अभियान में जनप्रतिनिधि की भूमिका

इस पहल का नेतृत्व वार्ड 23 के पार्षद कुणाल यादव ने किया। मौके पर मौजूद रहकर उन्होंने वितरण प्रक्रिया की निगरानी की। उनका कहना था कि सर्दी के मौसम में मानवीय सहायता केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जीवन रक्षा से जुड़ा विषय है। अभियान को समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से पूरा करने पर ज़ोर दिया गया।

सामाजिक संस्था का योगदान

इस अभियान में Nanhi Veena Women’s Welfare Foundation की अहम भूमिका रही। संस्था पहले भी ज़रूरतमंद वर्गों के लिए राहत कार्य करती रही है। कंबल वितरण इसका लगातार चौथा प्रयास बताया गया, जिससे संस्था की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता स्पष्ट होती है।

Local councillor leads blanket distribution campaign to help needy residents in cold weather

टीमवर्क और स्थानीय सहयोग

राहत अभियान में पार्षद कार्यालय और स्वयंसेवकों का समन्वय देखने को मिला। वितरण के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि सहायता वास्तव में उन लोगों तक पहुंचे, जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है। स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों के सहयोग से संसाधन जुटाए गए, जिससे अभियान का दायरा बढ़ सका।

समुदाय पर असर

कंबल मिलने से बच्चों और बुज़ुर्गों को ठंड से सीधी राहत मिली। कई परिवारों ने इसे कठिन मौसम में सहारा बताया। इस तरह की पहल से सामाजिक विश्वास भी मजबूत होता है और प्रशासन व समाज के बीच संवाद बेहतर बनता है।

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