Gurindervir Singh Race Video: भारतीय एथलेटिक्स (Indian Athletics) के लिए शनिवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। रांची (Ranchi) के बिरसा मुंडा स्टेडियम (Birsa Munda Stadium) में आयोजित फेडरेशन कप (Federation Cup) में पंजाब के 25 वर्षीय स्प्रिंटर गुरिंदरवीर सिंह (Gurindervir Singh) ने पुरुषों की 100 मीटर रेस (100m Race) सिर्फ 10.09 सेकेंड में पूरी कर नया नेशनल रिकॉर्ड (Gurindervir Singh National Record) बना दिया।
यह पहली बार है जब किसी भारतीय धावक (Indian Sprinter) ने 100 मीटर की दौड़ 10.10 सेकेंड से कम समय में पूरी की है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ गुरिंदरवीर अब भारत के सबसे तेज धावक (Fastest Indian Runner) बन गए हैं।
रेस जीतने के बाद गुरिंदरवीर का जोश देखने लायक था। उन्होंने अपना बिब नंबर उतारकर ट्रैक पर फेंक दिया और खुशी में अपने जूते भी उछाल दिए। इसके बाद उन्होंने हाथ में एक पर्ची दिखाई, जिस पर लिखा था- “The job is not finished yet” यानी “अभी काम पूरा नहीं हुआ है।”
“भारतीय जीन कमजोर नहीं”
रिकॉर्ड बनाने के बाद गुरिंदरवीर ने कहा-
“लोग कहते थे कि भारतीयों के पास 100 मीटर दौड़ने वाले जीन नहीं हैं। मैं सबको गलत साबित करना चाहता था। भारतीय जीन बहुत मजबूत हैं और ये तो सिर्फ शुरुआत है।”
उनका यह बयान सोशल मीडिया (Social Media) पर तेजी से वायरल हो रहा है। खेल प्रेमी इसे भारतीय स्प्रिंटिंग (Indian Sprinting) के नए युग की शुरुआत मान रहे हैं।
एक ही दिन में 3 बार टूटा नेशनल रिकॉर्ड
फेडरेशन कप में 100 मीटर स्पर्धा बेहद रोमांचक रही। प्रतियोगिता के दौरान एक ही दिन में राष्ट्रीय रिकॉर्ड तीन बार टूटा।
पहले सेमीफाइनल हीट में गुरिंदरवीर ने 10.17 सेकेंड का समय निकालकर रिकॉर्ड तोड़ा। इसके महज पांच मिनट बाद ओडिशा (Odisha) के धावक अनिमेष कुजूर (Animesh Kujur) ने 10.15 सेकेंड का समय निकालकर रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
लेकिन फाइनल में गुरिंदरवीर ने 10.09 सेकेंड दौड़कर इतिहास रच दिया। उन्होंने अनिमेष को 0.11 सेकेंड से पीछे छोड़ा। रिलायंस फाउंडेशन के प्रणव गुरव (Pranav Gurav) 10.29 सेकेंड के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
एशिया के दूसरे सबसे तेज धावक बने
गुरिंदरवीर का यह समय इस सीजन में एशिया (Asia) का दूसरा सबसे तेज समय है। वह जापान (Japan) के फुकुतो कोमुरो (Fukuto Komuro) के 10.08 सेकेंड के रिकॉर्ड से सिर्फ 0.01 सेकेंड पीछे हैं।
इसके साथ ही उन्होंने 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स (Commonwealth Games 2026) का क्वालिफिकेशन मार्क 10.16 सेकेंड भी पार कर लिया है।
ट्रेनिंग और मानसिक मजबूती बनी जीत की वजह
गुरिंदरवीर ने कहा कि उनकी सफलता के पीछे लगातार ट्रेनिंग और मानसिक मजबूती का बड़ा रोल है।
उन्होंने कहा-
“ट्रेनिंग में जिन चीजों की कमी थी, उन्हें सुधारा। कमजोरियां दूर कीं और स्ट्रेंथ बढ़ाई। आखिरी समय में फिजिकल से ज्यादा मानसिक खेल होता है। जो मानसिक रूप से मजबूत रहेगा, वही जीतेगा।”
उसेन बोल्ट के नाम है वर्ल्ड रिकॉर्ड
100 मीटर दौड़ का वर्ल्ड रिकॉर्ड जमैका के महान धावक उसेन बोल्ट के नाम दर्ज है। उन्होंने 2009 वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 9.58 सेकेंड का रिकॉर्ड बनाया था, जो आज भी कायम है।

