Gupt Navratri 2026 January : कब है ? गुप्त नवरात्रि की अष्टमी-पूजा विधि,शुभ मुहूर्त व महत्व-हिंदू धर्म में नवरात्रि का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। आमतौर पर लोग चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि के बारे में जानते हैं, लेकिन वर्ष में दो बार आने वाली गुप्त नवरात्रि अपेक्षाकृत कम प्रसिद्ध हैं। माघ और आषाढ़ माह में मनाई जाने वाली नवरात्रियों को गुप्त नवरात्रि कहा जाता है, जिनमें साधना और उपासना गुप्त रूप से की जाती है। माघ गुप्त नवरात्रि 2026 विशेष रूप से तांत्रिक साधना, मंत्र सिद्धि और आत्मिक उन्नति के लिए अत्यंत प्रभावशाली मानी जाती है। उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में इस नवरात्रि का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गुप्त नवरात्रि का व्रत रखने और विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन के कष्ट, भय और बाधाएँ दूर होती हैं। Gupt Navratri 2026 January में माघ गुप्त नवरात्रि कब से कब तक है, घटस्थापना का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, व्रत नियम और 10 महाविद्याओं की पूजा का महत्व विस्तार से जानें।
माघ गुप्त नवरात्रि 2026 कब से कब तक रहेगी ?
(Magh Gupt Navratri 2026 Start And End Date)
आरंभ-19 जनवरी 2026
समापन- 28 जनवरी 2026
अष्टमी तिथि-26 जनवरी 2026
नवमी तिथि-27 जनवरी 2026
व्रत पारण-28 जनवरी 2026 – इस पूरे काल में साधक मां शक्ति की विशेष आराधना करते हैं।
माघ गुप्त नवरात्रि घटस्थापना शुभ मुहूर्त 2026
(Magh Gupt Navratri 2026 Ghatasthapana Shubh Muhurat)
घटस्थापना शुभ मुहूर्त-19 जनवरी 2026, सुबह 07:14 से 10:46 बजे तक
अभिजित मुहूर्त-दोपहर 12:11 से 12:53 बजे तक
प्रतिपदा तिथि-19 जनवरी 2026 को 01:21 AM से प्रारंभ होकर,20 जनवरी 2026 को 02:14 AM तक रहेगी जबकि घटस्थापना नवरात्रि पूजा का सबसे महत्वपूर्ण भाग मानी जाती है, इसलिए इसे शुभ मुहूर्त में ही करना श्रेष्ठ होता है।

माघ गुप्त नवरात्रि पूजा विधि
Magh Gupt Navratri Puja Vidhi-प्रातः काल ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें और व्रत का संकल्प लें। नवरात्रि के पहले दिन माता की चौकी सजाएं, कलश की विधिवत स्थापना करें। मां दुर्गा को चुनरी, श्रृंगार, पुष्प और भोग अर्पित करें साथ ही दुर्गा मंत्रों का जाप करें। दुर्गा चालीसा एवं दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। प्रतिदिन सुबह और शाम मां की आरती करें, व्रत रखने वाले साधक फलाहार ग्रहण कर सकते हैं।,गुप्त नवरात्रि में पूजा अधिकतर एकांत और मौन साधना के रूप में की जाती है।
माघ गुप्त नवरात्रि में किन देवी स्वरूपों की पूजा होती है ?
Magh Gupt Navratri Devi Forms-माघ गुप्त नवरात्रि में मां दुर्गा की 10 महाविद्याओं की उपासना की जाती है जिनमें मां काली,तारा देवी,त्रिपुर सुंदरी,भुवनेश्वरी,छिन्नमस्ता,त्रिपुर भैरवी,मां धूमावती,बगलामुखी,मातंगी,कमला देवी आदि महाविद्याओं की साधना से सिद्धि, शक्ति, बुद्धि और भयमुक्त जीवन की प्राप्ति होती है।
निष्कर्ष (Conclusion)-माघ गुप्त नवरात्रि 2026 साधना, भक्ति और आत्मिक उन्नति का एक दुर्लभ अवसर है। यह नवरात्रि बाहरी दिखावे से अधिक आंतरिक शुद्धि और शक्ति साधना पर केंद्रित होती है। यदि श्रद्धा, नियम और संयम के साथ मां दुर्गा की उपासना की जाए, तो जीवन की अनेक समस्याओं से मुक्ति संभव है। गुप्त नवरात्रि न केवल तांत्रिक साधकों के लिए, बल्कि सामान्य भक्तों के लिए भी आध्यात्मिक शक्ति प्राप्त करने का श्रेष्ठ पर्व है।
