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MP: पिता ने नहीं दिलाई साइकिल, तो 7वीं कक्षा के छात्र ने रची खुद के अपहरण की झूठी कहानी

Guna Fake Kidnapping Drama: गुना में 7वीं कक्षा के एक छात्र के कथित अपहरण का रहस्य पुलिस जांच में खुल गया। बच्चा पिता से साइकिल न मिलने की नाराजगी में स्कूल से घर नहीं लौटा और गुस्से में बिलोनिया तक पैदल चल पड़ा। थकावट से बेहोश होकर वह पुल के नीचे लेट गया। होश में आने पर उसने अपहरण की पूरी तरह झूठी कहानी गढ़ ली।

Guna Fake Kidnapping Drama: गुना शहर में गुरुवार को एक कक्षा 7वीं के छात्र के लापता होने की खबर से हड़कंप मच गया। बच्चे ने दावा किया कि उसे दो अज्ञात लोगों ने नशीला पदार्थ सुंघाकर अगवा कर लिया था, लेकिन गहन पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि पूरी कहानी उसने खुद गढ़ी थी। वजह थी पिता से साइकिल न मिलने की नाराजगी।

कैसे शुरू हुई अपहरण की कहानी?

गुना के एक परिवार का 12 वर्षीय बेटा 13 फरवरी को परीक्षा खत्म होने के बाद स्कूल से घर लौटने की बात कहकर निकला, लेकिन घर नहीं पहुंचा। कुछ घंटों बाद शहर से दूर बिलोनिया क्षेत्र के पुल के नीचे उसे ‘अचेत’ अवस्था में पाया गया। होश आने पर उसने ग्रामीणों को बताया कि स्कूल के बाहर पानी की बोतल भरते समय कार सवार दो लोगों ने उसे पकड़ लिया, नशीला पदार्थ सुंघाया और अगवा कर लिया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे को कैंट थाने ले आई। पिता को भी बुलाया गया। मामला गंभीर होने पर सीएसपी प्रियंका मिश्रा ने खुद पूछताछ की। शुरुआत में बच्चा अपनी कहानी पर अड़ा रहा, लेकिन पुलिस को उसकी बातों में कई विरोधाभास नजर आए।

मनोवैज्ञानिक पूछताछ से सामने आया सच

पुलिस ने बच्चे से प्यार से बात की और विश्वास में लेकर पूछताछ की। आखिरकार बच्चे ने खुद ही सच्चाई कबूल ली। उसने बताया कि वह कई दिनों से पिता से साइकिल दिलवाने की जिद कर रहा था। उसे लगता था कि घर में बहनों की हर इच्छा पूरी होती है, लेकिन उसकी नहीं। नाराज होकर वह स्कूल से घर जाने के बजाय पैदल ही हाईवे होते हुए बिलोनिया तक पहुंच गया। थकान, भूख और डर के कारण पुल के नीचे लेट गया। पकड़े जाने के डर से और पिता को अपनी अहमियत दिखाने के लिए उसने अपहरण की झूठी कहानी गढ़ ली।

पुलिस की समझाइश और परिवार को सलाह

सच्चाई सामने आने के बाद पुलिस ने बच्चे को गहराई से समझाया कि ऐसा कदम कितना खतरनाक हो सकता है। साथ ही माता-पिता को सलाह दी कि बच्चे की भावनाओं को समझें, उससे खुलकर बातचीत करें और जरूरत पड़ने पर परिवार में संतुलन बनाए रखें। सीएसपी प्रियंका मिश्रा ने बताया, “12 साल के बच्चे की सूचना डायल-112 को मिली थी। पहले उसने अपहरण की कहानी सुनाई, लेकिन बाद में स्वीकार किया कि पिता से साइकिल न मिलने की नाराजगी में वह घर से दूर चला गया था। बच्चे को समझाइश दी गई है और अब वह सुरक्षित रूप से माता-पिता के साथ घर लौट गया है।”

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