राजकोट। बच्ची से अमानवीयता एवं रेप केस में एमपी के एक युवक को गुजरात के राजकोट की अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। शनिवार को विशेष अदालत के न्यायाधीश वीए. राणा साहब ने आरोपी 30 वर्षीय राम सिंह तेर सिंह दुडवा को फांसी की सजा मुकर्रर किया है। खास बात यह है कि अदालत ने यह फैसला घटना के तकरीबन 45 दिन में सुनवाई पूरी करके सजा-ए-मौत दिया है। राजकोट की अदालत ने जिस युवक को फांसी की सजा सुनाई है वह मध्यप्रदेश के अलीराजपुर का रहने वाला है।
खेल रही बच्ची को ले गया था आरोपी
घटना के सबंध में बताया जाता है कि 4 दिसंबर को राजकोट जिले के कानपार गांव में एक 7 साल की बच्ची को आरोपी उठा कर ले गया। आरोप रहा कि वह बच्ची के साथ रेप किया और उसके गुप्तअंगो में राड डाल दिए थें। बच्ची की चीख सुनकर जब लोग दौड़े तो आरोपी भाग गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करके घटना के 4 में ही चार्जशीट न्यायालय में पेश किया। आरोपी के जुल्म से बच्ची की हालात खराब रही और डॉक्टरों के कठिन परिश्रम के बाद बच्ची को बचाया जा सका।
45 दिन में आया फैसला
इस मामले में पुलिस ने तेजी से काम करते हुए अपनी जांच पूरी किया तो वही अदालत ने 45 दिन में सुनवाई पूरी करके 12 जनवरी 2026 को अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। इसके बाद राजकोट की विशेष अदालत को 15 जनवरी को सजा सुनानी थी, लेकिन तारीख बदलकर 17 जनवरी कर दी गई और शनिवार को विशेष अदालत ने फांसी की सजा से दंडित किया है।
