रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अंतर्गत आने वाली गुढ़ नगर पंचायत में अध्यक्ष अर्चना सिंह और क्षेत्रीय भाजपा विधायक नागेन्द्र सिंह के बीच चल रही राजनीतिक खींचतान अब खुले युद्ध में बदल गई है। पिछले कई महीनों से दोनों के बीच जारी मनमुटाव शुक्रवार को उस समय चरम पर पहुँच गया, जब नगर पंचायत अध्यक्ष ने एक पत्रकार वार्ता आयोजित कर क्षेत्रीय विधायक के खिलाफ सीधे तौर पर मोर्चा खोल दिया। इस प्रेस वार्ता के बाद क्षेत्र का सियासी पारा अचानक गरमा गया है और स्थानीय राजनीति में हड़कंप मच गया है।
अविश्वास प्रस्ताव की साजिश और लोकायुक्त कार्रवाई का आरोप
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए नगर पंचायत अध्यक्ष अर्चना सिंह ने भाजपा विधायक नागेन्द्र सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि विधायक नागेन्द्र सिंह भाजपा और कांग्रेस के पार्षदों को एक साथ मिलाकर उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का षड्यंत्र रच रहे हैं। अर्चना सिंह का दावा है कि हाल ही में लोकायुक्त पुलिस द्वारा उनके विरुद्ध की गई कार्रवाई भी पूरी तरह से विधायक के इशारे पर ही रची गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक लगातार उन्हें और उनके परिवार को निशाना बनाने और राजनीतिक रूप से नुकसान पहुँचाने का प्रयास कर रहे हैं।
“सीडीज़ और कारनामे कर दूंगी उजागर”
पत्रकार वार्ता के दौरान अर्चना सिंह ने सबसे बड़ा और सनसनीखेज बयान देते हुए विधायक को सीधी चेतावनी दी। उन्होंने तीखे लहजे में कहा, “यदि विधायक नागेन्द्र सिंह ने मेरे या मेरे परिवार के खिलाफ कोई भी अगला कदम उठाया, तो मैं उनकी ऐसी-ऐसी CDs और कारनामे एक्सपोज़ कर दूंगी कि वे समाज में कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहेंगे।” अर्चना सिंह के इस दावे के बाद गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर उनके पास विधायक से जुड़े ऐसे कौन-से गोपनीय दस्तावेज या सबूत हैं, जिन्हें सार्वजनिक करने की धमकी दी जा रही है।
प्रतिक्रिया का इंतजार
गुढ़ नगर पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव, लोकायुक्त रेड और अब सार्वजनिक रूप से दी गई इस खुली चेतावनी के बाद राजनीतिक माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया है। हालांकि, नगर पंचायत अध्यक्ष द्वारा लगाए गए इन बेहद गंभीर और व्यक्तिगत आरोपों पर अभी तक क्षेत्रीय विधायक नागेन्द्र सिंह या उनके पक्ष से कोई आधिकारिक बयान अथवा सफाई सामने नहीं आई है।

