भोपाल। मध्यप्रदेश के अस्पतालों में चिकित्सा व्यवस्था पर कसावट लाने के लिए उप मुख्यमंत्री एवं प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा राजेन्द्र शुक्ल ने कड़े निर्देश जारी कर दिए है। जिसके तहत अब डॉक्टरों को अपने डयूटी टाइम का पूरा ध्यान रखना होगा और उन्हे तय समय पर अस्पताल में चिकित्सा सेवा देनी होगी। ज्ञात हो कि अस्पतालों में डॉक्टरों के चिकित्सा सेवा को लेकर लगातार सवाल उठ रहे है, हाल ही में रीवा के गांधी मेमोरियल अस्पताल में जच्चा-बच्चा की मौत का मामला सामने आया था। जिसमें डॉक्टरों पर ईलाज में लापरवाही के आरोप भी लगे। इस पर संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की गई, तो वही प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने डॉक्टरों के डयूटी टाइम को अनिवार्य करने के साथ ही, इसकी निगरानी करने के भी निर्देश दिए है।
मंत्री ने की समीक्षा
मंगलवार को मंत्री श्री शुक्ल ने मंत्रालय में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के विभिन्न विषयों की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय व्यवस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने तथा आमजन को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने निर्देश दिए कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक निर्धारित समय पर उपस्थित रहें, इसे सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निगरानी व्यवस्थाएं प्रभावी रूप से लागू की जाएं। चिकित्सकों की उपस्थिति एवं कार्यप्रणाली की नियमित निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
भर्ती प्रक्रिया को पूर्ण करने के निर्देश
उप मुख्यमंत्री श्री शुक्ल ने विशेषज्ञ चिकित्सकों की भर्ती प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में विभाग में अन्य रिक्त पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। उप मुख्यमंत्री ने आवश्यकतानुसार भर्ती प्रक्रिया को गति देने और मानव संसाधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा सुखवीर सिंह, आयुक्त धनराजू एस उपस्थित रहे।

