Sarthak-PDS Scheme : केंद्र सरकार ने देश के लाखों राशन कार्ड होल्डर्स के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने सार्थक-PDS स्कीम को मंजूरी दे दी है। इस स्कीम पर अगले पांच सालों में ₹25,530 करोड़ खर्च किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) और ज़्यादा ट्रांसपेरेंट, तेज़ और टेक्नोलॉजी-बेस्ड बनेगा। इससे राशन की दुकानों पर होने वाली गड़बड़ियों और करप्शन पर भी रोक लगेगी।
सार्थक-PDS स्कीम क्या है? Sarthak-PDS Scheme
PDS में ऑटोमेशन के साथ राशन ट्रांसपोर्ट और हैंडलिंग में मदद के लिए स्कीम (सार्थक-PDS) अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक लागू की जाएगी। इसका मुख्य मकसद राशन डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को मॉडर्न बनाना और गरीबों तक समय पर अनाज पहुंचाना पक्का करना है। सरकार के मुताबिक, इस स्कीम से देश भर में लगभग 800 मिलियन बेनिफिशियरी को सीधा फायदा होगा। भारत दुनिया का सबसे बड़ा फूड सिक्योरिटी प्रोग्राम चलाता है, और अब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और बढ़ाया जाएगा।
राशन की दुकानें हाई-टेक होंगी।
नई स्कीम के तहत, राशन की दुकानों को डिजिटल किया जाएगा। कई प्रोसेस में ऑटोमेशन लागू किया जाएगा, जिससे राशन बांटने में ट्रांसपेरेंसी बढ़ेगी। इससे फ्रॉड रोकने और राशन सही लोगों तक पहुंचने में मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि डिजिटल सिस्टम से राशन चोरी, रिकॉर्ड में गलतियां और ब्लैक मार्केटिंग जैसी समस्याएं कम होंगी। लोग अपने पूरे राशन रिकॉर्ड भी आसानी से देख पाएंगे।
राज्यों को फाइनेंशियल मदद मिलेगी। Sarthak-PDS Scheme
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस स्कीम के तहत, राज्य की एजेंसियों को अनाज के ट्रांसपोर्टेशन, स्टोरेज और बांटने से जुड़े खर्चों में मदद मिलेगी। इससे राज्यों पर फाइनेंशियल बोझ कम होगा और राशन बांटने का सिस्टम मजबूत होगा। सरकार ने राशन डीलरों, यानी राशन डीलरों का कमीशन बढ़ाने का भी फैसला किया है। माना जा रहा है कि इससे राशन दुकान मालिकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और बांटने का सिस्टम बेहतर होगा।

