Gold Silver Latest Updates: पिछले हफ्ते की तेज गिरावट के बाद सोमवार, 3 नवंबर को सोने-चांदी के बाजार में थोड़ी मजबूती लौटी. हालांकि दोनों कीमती धातुओं ने एक जैसा प्रदर्शन नहीं किया. चांदी में अच्छी बढ़त दिखी, जबकि सोना लगभग फ्लैट बंद हुआ. अब सबसे बड़ा सवाल यही है – क्या सस्ता होने पर खरीदना सही रहेगा या अभी और गिरावट का इंतजार करना चाहिए?
MCX पर क्या रहा हाल?
दोपहर के कारोबार में MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना करीब 1.38 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पास ट्रेड कर रहा था, इसमें 0.09% की मामूली नरमी थी. दूसरी तरफ दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी 1.82 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई, इसमें करीब 1.70% की तेजी दर्ज की गई.
तेजी क्यों आई?
अक्टूबर के आखिर में दोनों धातुओं में बड़ी बिकवाली हुई थी, उसके बाद निचले स्तरों पर खरीदार वापस लौटे हैं. ग्लोबल मार्केट में भी यही ट्रेंड दिखा. इंटरनेशनल स्पॉट मार्केट में सोना 0.6% बढ़कर 3899.39 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.3% चढ़कर 49.76 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रही थी.
बाजार जानकारों के अनुसार कच्चे तेल के दाम नीचे आने से महंगाई को लेकर डर थोड़ा कम हुआ है, जिससे सोने-चांदी को सपोर्ट मिला है. साथ ही यह उछाल एक तरह की शॉर्ट कवरिंग और लो लेवल पर फ्रेश बाइंग की वजह से भी है, इसे अभी बड़ी रिकवरी कहना जल्दबाजी होगी.
क्या अभी और गिरावट आएगी?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि एक दिन की तेजी देखकर यह समझना गलत होगा कि करेक्शन खत्म हो गया है.
बोनांजा के सीनियर रिसर्च एनालिस्ट निरपेंद्र यादव का मानना है कि जब तक सोना-चांदी लगातार लोअर लो बनाना बंद नहीं करते और अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर टिकते नहीं, तब तक कमजोरी बनी रह सकती है
वहीं VSRK Capital के डायरेक्टर स्वप्निल अग्रवाल के मुताबिक चांदी पर साल के अंत तक प्रेशर बना रह सकता है, इसलिए निवेशकों को एक साथ बड़ा पैसा लगाने से बचना चाहिए.
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
अगला बड़ा ट्रिगर अमेरिका से आएगा. 6 नवंबर को अमेरिका के जॉब डेटा आने वाले हैं. अगर रोजगार और सैलरी के आंकड़े मजबूत रहते हैं तो ब्याज दरें ज्यादा समय तक ऊंची रहने का डर बढ़ेगा, जिससे सोने-चांदी पर फिर दबाव बन सकता है.
एक्सपर्ट्स की सलाह है कि खासकर चांदी में ज्यादा उतार-चढ़ाव रहता है, इसलिए नई फ्यूचर पोजीशन छोटी रखें और बाजार का ट्रेंड क्लियर होने तक इंतजार करें. एकमुश्त खरीदारी की जगह धीरे-धीरे SIP जैसी स्ट्रैटेजी बेहतर रहेगी.

