Copper Price: गोल्ड सिल्वर का भाव लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में एक और महत्वपूर्ण धातु जो की चर्चा में है उसके दामों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है. जी हां हम बात कर रहे हैं, तांबे की इसकी कीमतों में भी बड़ा उछाल जारी है. गौरतलब है कि, कल की मामूली गिरावट के बाद आज तांबे की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय मार्केट में तेजी देखने को मिल रही है. कॉमेक्स पर कॉपर रेट $5.9220 प्रति औंस पर पहुंच गया.
तांबे के विकल्पों की तलाश शुरू
इसके अलावा मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया ( MCX ) पर तांबे की कीमत बीते दिन यानी मंगलवार को 1269.65 रुपये प्रति किलो ग्राम पर क्लोज हुआ था. अब तांबे के विकल्पों की तलाश शुरू हो गई है. पहले सिल्वर के विकल्प के तौर पर कॉपर और एल्यूमीनियम का इस्तेमाल शुरू हुआ था, लेकिन अब कॉपर की बढ़ती कीमतों के कारण इसके भी विकल्प की तलाश शुरू हो चुकी है.
बैटरी में कॉपर का विकल्प क्या?
आपको बताएं कि, कर्नाटक नवीकरणीय ऊर्जा विकास लिमिटेड के इनक्यूबेशन सेंटर के शोधकर्ता और विशेषज्ञ अब बैटरी में तांबे के लिए किफायती विकल्पों की तलाश कर रहे हैं. वाहनों की बैटरी की बढ़ती डिमांड किफायती वैकल्पिक संसाधनों की खोज को और जरूरी बना रहा है. राज्य सरकार के द्वारा इनक्यूबेशन सेंटर के लिए कॉपर के विकल्पों की तलाश तेज हो चुकी है.
क्यों बढ़ रहीं कॉपर की कीमतें
बीते 1 साल में तांबे की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिली है. जिसके पीछे का सबसे बड़ा कारण है बढ़ती डिमांड. जी हां तांबे का इस्तेमाल कई क्षेत्रों में विशाल रूप में किया जा रहा है. सिल्वर यानी चाँदी की बढ़ती तेजी के कारण कई जगह अब चांदी के जगह तांबे का इस्तेमाल शुरू हो चुका है. और यही भविष्य में कॉपर का रूप कोई और धातु ले लेगी जिस तरह से तांबे में तेजी आई है तब से कई कंपनियों और कई सेक्टर में स्टॉक बढ़ाना भी शुरू हो चुका है. जिसका असर भी कीमतों पर दिखाई दे रहा है. इसके अलावा तांबे की बढ़ती कीमत पर जियो पॉलिटिकल टेंशन का भी असर साफ दिखाई दे रहा है.
जारी रहेगी तेजी?
बाजार के जानकारों की मानें तो आने वाले समय में तांबे के भाव में जबरदस्त तेजी देखने को मिल सकती है. क्योंकि इलेक्ट्रॉनिक वाहन से लेकर बिजली के तार बनाने में भी तांबे का बड़े तौर पर इस्तेमाल हो रहा है. ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के साथ ही कई अन्य मार्केट की जानकारी ने भी यह संभावना जताई है कि आने वाले समय में तांबे की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को मिलेगी. घरेलू और वैश्विक स्तर पर डिमांड में कमी से निवेशक पहले ही सतर्क हो चुके हैं.

