गोल्ड लोन देने वाली इस कंपनी को RBI से मिली बड़ी मंजूरी, स्टॉक में दिखेगा जबर्दस्त असर!

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Stock to Watch 16th Feb 2026: सोने के बदले लोन देने वाली जानी-मानी NBFC कंपनी मण्णापुरम फाइनेंस लिमिटेड ने बड़ी अपडेट दी है. गौरतलब है कि, कंपनी ने बताया कि RBI ने बेन कैपिटल की सहयोगी कंपनियों बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट्स XXV लिमिटेड और बीसी एशिया इन्वेस्टमेंट्स XIV लिमिटेड द्वारा मण्णापुरम फाइनेंस में 41.66 फीसदी तक हिस्सेदारी खरीदने की मंजूरी दे दी है. जिस वजह से 16 फरवरी को Manappuram Finance Ltd स्टॉक इन्वेस्टर्स के रडार पर रहेगा.

RBI ने दी हरी झंडी

RBI की हरी झंडी के बाद अब बेन कैपिटल कंपनी में बड़ा और प्रभावशाली निवेशक बनने जा रहा है. यह निवेश कंपनी की चुकता इक्विटी पूंजी या कन्वर्टिबल इंस्ट्रूमेंट्स के जरिए किया जाएगा. अगर आसान शब्दों बताएं तो अब कंपनी में बड़े स्तर पर पूंजी आएगी और हिस्सेदारी का संतुलन बदलेगा.

Manappuram Finance और बेन कैपिटल के बीच 20 मार्च 2025 को इस अधिग्रहण से जुड़ा औपचारिक समझौता हो चुका था. उस समय सिर्फ RBI की अंतिम मंजूरी का इंतजार था, जो अब मिल गई है. इस समझौते के तहत बेन कैपिटल ने करीब 4385 करोड़ रुपए निवेश करने की सहमति दी थी. यानी यह सिर्फ हिस्सेदारी खरीदने की बात नहीं, बल्कि एक बड़ा रणनीतिक दांव है.

गौर करने वाली बात यह है कि इस सौदे के चलते SEBI का नियमन सब्स्टैंशियल एक्विजिशन ऑफ शेयर्स एंड टेकओवर्स रेगुलेशन्स, 2011 भी लागू होगा. जिसके अंतर्गत पब्लिक शेयरधारकों के लिए 26 फीसदी अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने का ओपन ऑफर लाया जाएगा. इस ओपन ऑफर में प्रति शेयर कीमत 236 रुपए तय की गई है. यानी जो निवेशक अपने शेयर बेचना चाहें, उन्हें 236 रुपए प्रति शेयर मिलेंगे.

ये शक्तियाँ भी मिलेंगी

RBI से मंजूरी मिलने के बाद बेन कैपिटल को प्रमोटर से जुड़ी शक्तियां भी मिलेंगी. आसान शब्दों में कहें तो अब बेन कैपिटल मौजूदा प्रमोटर्स के साथ मिलकर कंपनी पर संयुक्त रूप से नियंत्रण रखेगा. मतलब फैसले अब मिलकर लिए जाएंगे.

बीते दिन बाजार यानी दिवस यानी 13 फरवरी शुक्रवार को मण्णापुरम फाइनेंस का शेयर 6 रुपए की मामूली गिरावट के साथ 302 रुपए पर बंद हुआ. कंपनी का मार्केट कैप 25617 करोड़ रुपए है. इस आकार के साथ यह अपने सेक्टर की 22वीं सबसे बड़ी कंपनी है. पिछले एक साल में इस शेयर ने 55 फीसदी का रिटर्न दिया है. छह महीने में 7 प्रतिशत, तीन महीने में 10 प्रतिशत की बढ़त रही है, जबकि पिछले एक महीने में करीब 2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है.

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