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रीवा में SGMH के ‘शव वाहन’ से हो रही थी बकरियों की तस्करी, ग्रामीणों की सजगता से गिरोह का भंडाफोड़

Goats were being smuggled in SGMH's 'dead body' in RewaGoats were being smuggled in SGMH's 'dead body' in Rewa

Goats were being smuggled in SGMH's 'dead body' in Rewa

रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले से एक ऐसा हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसने न सिर्फ कानून व्यवस्था बल्कि स्वास्थ्य विभाग की सुरक्षा प्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिले की गुढ़ थाना पुलिस ने रीवा के प्रतिष्ठित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (SGMH) के एक सरकारी शव वाहन को जब्त किया है। आरोप है कि इस पवित्र माने जाने वाले वाहन का उपयोग लंबे समय से बकरियां चुराने और उनकी तस्करी करने के लिए किया जा रहा था। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए शव वाहन के चालक राजेंद्र मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया है।

ग्रामीणों की सजगता से हुआ ‘हाईटेक चोर गिरोह’ का भंडाफोड़
दरअसल, इस पूरे गिरोह का पर्दाफाश किसी जांच से नहीं, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ से हुआ। बीते 29 मई को इटार पहाड़ क्षेत्र के पास ग्रामीणों ने एक सरकारी शव वाहन को बेहद संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते हुए देखा। आमतौर पर गंभीर माहौल में दिखने वाले इस वाहन की गतिविधियां सामान्य नहीं लगीं, जिसके बाद ग्रामीणों ने फिल्मी अंदाज में उसका पीछा करना शुरू कर दिया। पीछा करने पर जब वाहन को रोका गया, तो अंदर का नजारा देखकर सब दंग रह गए। ग्रामीणों ने चालक को रंगे हाथों पकड़कर तुरंत गुढ़ पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस चेकिंग से बचने के लिए शव वाहन का ‘कवच’
पुलिस की शुरुआती पूछताछ और जांच में जो सच सामने आया, वह बेहद चौंकाने वाला है। आरोपी चालक राजेंद्र मिश्रा शवों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के बाद, लौटते समय सूने रास्तों और गांवों से बकरियां चुरा लेता था। पुलिस चेकिंग और नाकों पर अमूमन शव वाहनों की तलाशी नहीं ली जाती और उन्हें सम्मान के साथ जाने दिया जाता है; आरोपी इसी बात का फायदा उठाकर लंबे समय से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई बकरियां भी बरामद कर ली हैं।

अस्पताल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही, अधीक्षक ने झाड़ा पल्ला
इस गंभीर मामले ने संजय गांधी अस्पताल प्रबंधन के दावों की पोल खोलकर रख दी है कि उनके वाहनों की कैसी निगरानी होती है। हालांकि, मामले के तूल पकड़ने पर SGMH के अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने इस पूरी लापरवाही से पल्ला झाड़ लिया है। उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि इस शव वाहन का संचालन और चालकों की नियुक्ति भोपाल की एक निजी कंपनी द्वारा की जाती है, इसलिए इसकी पूरी जिम्मेदारी उसी आउटसोर्स कंपनी की है।

गुढ़ थाना पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि इस गिरोह में अस्पताल या बाहर के और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। फिलहाल वाहन को जब्त कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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