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नए सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने संभाली कमान, बोले- दौर के मुताबिक बदलेगी भारतीय सेना

भारतीय सेना को नया नेतृत्व मिल गया है। जनरल धीरज सेठ ने देश के 31वें थल सेनाध्यक्ष के रूप में पदभार संभाल लिया है। जिम्मेदारी संभालने के बाद अपने पहले संबोधन में उन्होंने साफ किया कि आने वाले समय में भारतीय सेना सिर्फ सीमाओं की सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आधुनिक तकनीक, आत्मनिर्भर रक्षा व्यवस्था और भविष्य के युद्धों की जरूरतों के मुताबिक खुद को लगातार मजबूत करेगी।

अपने संबोधन में जनरल सेठ ने कहा कि भारतीय सेना पहले से ही पूरी तरह सक्षम, प्रशिक्षित और हर परिस्थिति में कार्रवाई के लिए तैयार है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि देश की संप्रभुता, सीमाओं की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सेना हर समय मुस्तैद रहेगी।

सीमा सुरक्षा रहेगी पहली प्राथमिकता

‘VIJAY’ के जरिए बताया सेना का विजन

अपने संबोधन में नए सेना प्रमुख ने भारतीय सेना के भविष्य का रोडमैप ‘VIJAY’ के जरिए पेश किया।

बदल रहा है युद्ध का तरीका

जनरल धीरज सेठ ने कहा कि दुनिया में युद्ध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब लड़ाई सिर्फ बंदूक, टैंक और तोप तक सीमित नहीं है। साइबर अटैक, ड्रोन, स्पेस टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और AI भविष्य की जंग में अहम भूमिका निभाएंगे। इसलिए भारतीय सेना को ऐसी फोर्स बनाया जाएगा जो हर मोर्चे पर एक साथ कार्रवाई करने में सक्षम हो।

उन्होंने बताया कि सेना को मल्टी-डोमेन ऑपरेशन के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि जमीन, हवा, समुद्र, अंतरिक्ष और साइबर स्पेस—सभी क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई की जा सके।

‘जय’ से ‘विजय’ की ओर

अपने संबोधन में जनरल सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘JAI’ विजन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ज्वाइंटनेस, इनोवेशन और आत्मनिर्भरता के आधार पर सेना बदलाव के इस दौर में आगे बढ़ रही है। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने भारतीय सेना के लिए ‘VIJAY’ का नया मंत्र दिया, जो आने वाले वर्षों की रणनीति का आधार बनेगा।

पूर्व सेना प्रमुखों को किया याद

नए सेना प्रमुख ने अपने संबोधन की शुरुआत इस जिम्मेदारी को गर्व का विषय बताते हुए की। उन्होंने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का आभार जताया और पूर्व थल सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी समेत सभी पूर्व सेना प्रमुखों के योगदान को याद किया। साथ ही देश की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की

क्या है पूरा संदेश?

जनरल धीरज सेठ के पहले संबोधन से यह साफ हो गया कि भारतीय सेना अब भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखकर अपनी रणनीति तैयार कर रही है। आधुनिक तकनीक, स्वदेशी रक्षा प्रणाली, तीनों सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और हर समय ऑपरेशन के लिए तैयार रहने की क्षमता पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाएगा, ताकि देश की सुरक्षा हर हाल में सुनिश्चित की जा सके।

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