MP Wheat MSP 2026: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भारतीय किसान संघ के प्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक में किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए। सरकार ने गेहूं की खरीदी पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने की घोषणा की है, जबकि उड़द की खरीदी पर किसानों को 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस मिलेगा। इसके साथ ही गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि को बढ़ाते हुए 7 मार्च से बढ़ाकर अब 10 मार्च कर दिया गया है, ताकि अधिक से अधिक किसान पंजीयन कराकर इसका लाभ ले सकें।
MP Wheat MSP 2026: मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास स्थित समत्व भवन में भारतीय किसान संघ (Bharatiya Kisan Sangh) के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। बैठक में किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार वर्ष 2026 को कृषि कल्याण वर्ष (Krishi Kanlyan Varsh 2026) के रूप में किसानों की समृद्धि के लिए समर्पित भाव से कार्य कर रही है। इसी क्रम में सरकार ने उड़द की खरीदी पर 600 रुपये प्रति क्विंटल (Urad Bonus 600 per Quintal MP) बोनस देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने किसानों से अधिक से अधिक उड़द की खेती करने का आह्वान किया, ताकि वे इस बोनस का लाभ लेकर अगली फसल की बेहतर तैयारी कर सकें।
इसके साथ ही गेहूं उत्पादक किसानों को भी राहत दी गई है। वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस (40 Rupees Per Quintal Wheat Bonus) देने का निर्णय लिया गया है। इससे किसानों को कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं का भुगतान मिलेगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अपने संकल्प-पत्र में वर्ष 2028 (MP BJP Sankalp Patra 2023) तक गेहूं की खरीद 2700 रुपये प्रति क्विंटल पर करने का लक्ष्य रखा है और आने वाले वर्षों में इसे पूरा करने के लिए प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में किसानों की बिजली संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय स्तर पर व्यवस्था बनाने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे रात में सिंचाई के दौरान होने वाली परेशानियों और जोखिम से बचा जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का फूड बास्केट (food basket) बनकर उभरा है, जहां दलहन, तिलहन और सब्जियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन हो रहा है। राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार फैसले ले रही है ताकि किसान आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।
गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन में आ रही समस्याओं को देखते हुए सरकार ने पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर 10 मार्च कर दी है। रबी विपणन वर्ष (2026-27 Rabi marketing year 2026-27) के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन हेतु अब तक 12 लाख 4 हजार 708 किसान पंजीयन करा चुके हैं।
बैठक में भूमि अधिग्रहण पर मुआवजा राशि बढ़ाने, जंगली जानवरों से फसल नुकसान पर मुआवजा, मंडी अधिनियम के प्रावधान, फसल गिरदावरी, अविवादित नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के लिए समय-सीमा तय करने सहित विद्युत आपूर्ति और सिंचाई व्यवस्था जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
पंजीयन की व्यवस्था
गेहूं खरीदी के लिए किसानों के पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालयों के सुविधा केंद्रों, तहसील कार्यालयों के केंद्रों तथा सहकारी समितियों और सहकारी विपणन संस्थाओं द्वारा संचालित पंजीयन केंद्रों पर की गई है।
वहीं, सशुल्क पंजीयन के लिए एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर, लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।
