रीवा शहर के समान थाना क्षेत्र अंतर्गत गड़रिया मोहल्ले में रविवार की देर रात एक रूह कँपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ मैहर जिले में पदस्थ एक पुलिस आरक्षक (कॉन्स्टेबल) की उसके ही दोस्त ने शराब पार्टी के दौरान कनपटी पर गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौका पाकर फरार हो गया। इस सनसनीखेज घटना से पूरे पुलिस महकमे और इलाके में हड़कंप मच गया है।
बेटे की बीमारी पर छुट्टी लेकर आया था जवान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक आरक्षक की पहचान राकेश कुमार पटेल (35 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से रीवा के रहने वाले थे और वर्तमान में मैहर जिले के रामनगर थाने में पदस्थ थे। राकेश के 10 वर्षीय बेटे की तबीयत काफी समय से खराब चल रही थी, जिसके इलाज और देखभाल के लिए वे पुलिस विभाग से छुट्टी लेकर अपने गांव आए हुए थे। रविवार की रात वे अपने परिजनों से यह कहकर घर से निकले थे कि वे कुछ ही देर में वापस लौट आएंगे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि वे कभी वापस नहीं लौट पाएंगे।
शराब पार्टी के दौरान हुआ विवाद, अवैध पिस्टल से दागी गोली
परिजनों के मुताबिक, राकेश पटेल को पड़ोस में रहने वाले उनके दोस्त राकेश तिवारी ने अपने घर पर शराब पार्टी के लिए बुलाया था। दोनों बचपन के दोस्त तो नहीं थे, लेकिन लंबे समय से उनमें गहरी दोस्ती थी और एक-दूसरे के घर आना-जाने जैसी घनिष्ठता थी। रात में पार्टी के दौरान दोनों के बीच किसी अज्ञात बात को लेकर कहासुनी शुरू हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि तैश में आकर आरोपी राकेश तिवारी ने पास ही रखी एक अवैध पिस्टल निकाली और आरक्षक राकेश पटेल की कनपटी पर गोली दाग दी। गोली लगते ही आरक्षक लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा।
अस्पताल में तोड़ा दम, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
वारदात के बाद आरोपी के परिजन गंभीर रूप से घायल आरक्षक को आनन-फानन में संजय गांधी अस्पताल लेकर पहुँचे, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से मृतक के घर में मातम पसरा हुआ है और पत्नी व बुजुर्ग पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक के मामा हरदीप कुमार पटेल और अन्य परिजनों का आरोप है कि राकेश को साजिश के तहत घर से बुलाकर ले जाया गया था। उन्होंने कहा कि अगर आरक्षक को समय पर सही इलाज मिल जाता, तो शायद उनकी जान बच सकती थी। परिजनों ने आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई और मकान पर बुलडोज़र चलाने की मांग की है।
आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड, एसपी ने गठित की टीमें
शुरुआती पुलिस जांच में सामने आया है कि वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल अवैध थी और आरोपी राकेश तिवारी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है, उसके खिलाफ पहले से भी मारपीट के कई मामले दर्ज हैं। घटना की गंभीरता को देखते हुए रीवा एसपी और फोरेंसिक (FSL) की टीम ने देर रात ही घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए। समान थाना प्रभारी विजय सिंह ने बताया कि मामले में हत्या का केस दर्ज कर लिया गया है। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है और फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, जिसे जल्द ही दबोच लिया जाएगा।

