Fractal IPO की सुस्त रफ्तार, NII और रिटेल निवेशक का सहारा, GMP नीचे

Fractal IPO की सुस्त रफ्तार, NII और रिटेल निवेशक का सहारा, GMP नीचे

Fractal IPO के दूसरे दिन सब्सक्रिप्शन में हल्की बढ़त जरूर दिखी, लेकिन निवेशकों का उत्साह अभी भी सीमित सा नजर आ रहा है। NII और रिटेल निवेशक की भागीदारी से ये मांग बनी हुई है, वहीं ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) में गिरावट ने लिस्टिंग गेन को लेकर बाजार में और भी सतर्कता बढ़ा दी है।

Fractal IPO: IPO की सुस्त रफ्तार, NII और रिटेल निवेशक का सहारा, GMP नीचे

IPO में दूसरे दिन कितनी रही सब्सक्रिप्शन

आईपीओ के दूसरे दिन तक कुल सब्सक्रिप्शन लगभग 11% के आसपास जा पहुंचा। इसमें सबसे ज्यादा रुचि नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) और रिटेल कैटेगरी से ही देखने को मिली है। हालांकि, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB की तरफ से अपेक्षित भागीदारी अभी तक नजर नहीं आई है। आमतौर पर मजबूत आईपीओ में शुरुआती दो दिनों में कई गुना सब्सक्रिप्शन भी देखने को मिलता है, लेकिन यहां इसकी स्पीड अपेक्षा अनुसार धीमी ही रही है।

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GMP में गिरावट क्या संकेत दे रही है

Fractal IPO के ऐलान के समय ग्रे मार्केट प्रीमियम 20% के आसपास ही बताया जा रहा था, जो बिडिंग शुरू होने से पहले घटकर करीब 10% पर आया हुआ है। दूसरे दिन GMP में और नर्मी दर्ज की गई है। GMP भले ही आधिकारिक संकेतक नहीं होता है, लेकिन बाजार की एक अलग धारणा को दर्शाता है। इसमें गिरावट हमें यह संकेत देती है कि निवेशक लिस्टिंग पर बड़े मुनाफे की उम्मीद फिलहाल कम कर रहे हैं।

संस्थागत निवेशकों की सीमित रुचि की वजह

बाजार विश्लेषक के अनुसार, कंपनी का वैल्यूएशन प्रमुख कारणों में से एक होता है। ₹857 से ₹900 के प्राइस बैंड पर कंपनी पुरानी आईटी कंपनियों की तुलना में प्रीमियम वैल्यूएशन पर काम करती नजर आती है। इसके अलावा, Fractal का बिजनेस मॉडल, AI और डेटा एनालिटिक्स पर आधारित होता है, जो भारतीय शेयर बाजार के लिए अपेक्षाकृत नया क्षेत्र होता है। कई बड़े निवेशक अभी इस सेक्टर की दीर्घकालिक कमाई की क्षमता को लेकर काफी ज्यादा सतर्क दिख रहे हैं।

Fractal IPO की मजबूती और चुनौतियां

दरसल Fractal Analytics खुद को एक शुद्ध AI और डेटा साइंस कंपनी के रूप में मार्केट में पेश करती है। कंपनी के क्लाइंट्स में कई वैश्विक दिग्गज निवेशक भी शामिल हैं और यह पहले से मुनाफे में भी दिखता है। एंकर निवेशकों से पहले ही अच्छा फंड जुटाया जा चुका है, जो इसके भरोसे का संकेत देता है। हालांकि उच्च वैल्यूएशन, विदेशी बाजारों पर पूरी निर्भरता और सीमित संस्थागत मांग हमें ऐसी चुनौतियां देती हैं जो लिस्टिंग के बाद शेयर के प्रदर्शन को और प्रभावित कर सकती हैं।

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आगे के लिए निवेशकों को किन संकेतों पर नजर रखनी चाहिए

Fractal IPO के अंतिम दिन की सब्सक्रिप्शन की स्थिति काफी अहम होगी। अगर QIB और HNI से मांग बढ़ती जाती है, तो बाजार की धारणा पूरी तरह बदल सकती है। साथ ही GMP में स्थिरता या सुधार भी पॉजिटिव संकेत दे सकता है। फिलहाल रिटेल निवेशक की भागीदारी से ही मांग बनी हुई है, लेकिन बड़े निवेशकों की एंट्री का अभी भी इंतजार है। Fractal IPO में न तो भारी उत्साह दिख रहा है और न ही निराशा।

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