सतना: सतना जिले की नागौद विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे वरिष्ठ और कद्दावर राजनेता रामप्रताप सिंह का 80 वर्ष की उम्र में दिल्ली में निधन हो गया है। वे पिछले लंबे समय से गंभीर बीमारी कैंसर से पीड़ित थे और दिल्ली में उनका इलाज चल रहा था। उनके निधन की खबर मिलते ही विंध्य क्षेत्र सहित राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर दौड़ गई है।
सतना आवास पर पहुंचे जनप्रतिनिधि, दी श्रद्धांजलि
मंगलवार की सुबह दिवंगत नेता का पार्थिव शरीर सतना के धवारी स्थित उनके निज निवास लाया गया। यहां उनके अंतिम दर्शन के लिए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों और आम जनता का तांता लग गया। इस दौरान सांसद गणेश सिंह, नागौद विधायक नागेंद्र सिंह, चित्रकूट विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार, विधायक विक्रम सिंह और सतना महापौर योगेश ताम्रकार सहित कई दिग्गजों ने उनके घर पहुंचकर नम आंखों से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए उत्तर प्रदेश के प्रयागराज ले जाया गया।
तीन बार रहे नागौद के विधायक, नर्मदा का पानी लाने में था अहम योगदान
दिवंगत रामप्रताप सिंह ने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में जनता के बीच रहकर एक मजबूत और बेदाग पहचान बनाई थी। वे राजनीतिक रूप से बेहद प्रभावी रहे; उन्होंने वर्ष 1985 और 1990 में कांग्रेस पार्टी के टिकट पर नागौद विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी। इसके बाद, वर्ष 1998 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरकर शानदार जीत हासिल की थी।
क्षेत्र के विकास में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। विशेष रूप से सतना जिले तक नर्मदा का पानी पहुंचाने के लिए किए गए उनके प्रयास क्षेत्र के इतिहास में मील का पत्थर माने जाते हैं, जिन्हें जनता हमेशा याद रखेगी। उनके यूं चले जाने से सतना जिले ने एक जनप्रिय और विकास पुरुष नेता खो दिया है।

