देश में आपातकाल लागू होने के 51 वर्ष पूरे होने पर भारतीय जनता पार्टी द्वारा मनाए जा रहे ‘संविधान हत्या दिवस’ के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत मध्य प्रदेश के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा शुक्रवार को रीवा पहुंचे। यहां आयोजित एक प्रेसवार्ता में उन्होंने कांग्रेस पार्टी की नीतियों और इतिहास पर चौतरफा हमला बोलते हुए तीखे लहजे में कहा कि जिन लोगों ने देश पर आपातकाल थोपकर प्रेस की आजादी छीनी और लोकतंत्र का गला घोंटा, वही आज संविधान बचाने का पाखंड और दुहाई दे रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस और भाजपा की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा कि जहां भाजपा हमेशा राष्ट्र और जनहित को सर्वोपरि मानकर संवैधानिक संशोधन करती है, वहीं कांग्रेस का पूरा ध्यान सिर्फ अपने परिवारवाद को आगे बढ़ाने पर केंद्रित रहता है।
आपातकाल के दौरान हुई क्रूरता का जिक्र करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने एक भावुक उदाहरण साझा किया और बताया कि उस दौर में वर्तमान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को उनकी माता जी के निधन पर अंतिम संस्कार तक में शामिल होने की अनुमति नहीं दी गई थी, जो कांग्रेस की दमनकारी नीति का सबसे बड़ा प्रमाण है। इस दौरान उन्होंने रीवा में हुए विकास कार्यों की जमकर सराहना की और भाजपा सरकार की विकास यात्रा को ‘रीवा मॉडल’ के रूप में पूरे प्रदेश के सामने प्रस्तुत किया। इसके बाद वे अटल कुंज पहुंचे, जहां उन्होंने प्रियदर्शिनी की भव्य प्रतिमा का अनावरण किया। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विंध्य विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष पंचूलाल प्रजापति, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरेन्द्र गुप्ता सहित क्षेत्र के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

