रीवा/सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। वन मंडल सिंगरौली के अंतर्गत आने वाले वन परिक्षेत्र बरगवां की ओबरी चौकी में पदस्थ वन रक्षक अखिलेश शुक्ला को ₹2,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा गया है। यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के निर्देश पर, उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह और पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त योगेश्वर शर्मा के मार्गदर्शन में संपन्न हुई है।
इस मामले के शिकायतकर्ता रामलोचन प्रजापति (46 वर्ष), निवासी ग्राम ओबरी (सिंगरौली) ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में पुलिस अधीक्षक के समक्ष एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया था कि उन्होंने कृषि कार्य के लिए एक नया ट्रैक्टर खरीदा है। उनके गांव के पास स्थित गुरमुटिया टोला वन क्षेत्र के ग्रामीणों को खेती करने के लिए सरकार से वन अधिकार पट्टा मिला हुआ है। जब भी गांव वाले खेत जोतने के लिए रामलोचन को ट्रैक्टर लेकर बुलाते थे, तो क्षेत्र के बीट गार्ड अखिलेश शुक्ला उन्हें रोक देते थे। आरोपी वन रक्षक द्वारा ट्रैक्टर चलाने और खेत जोतने देने के एवज में प्रतिदिन के हिसाब से ₹2,000 की रिश्वत मांगी जा रही थी।
शिकायत मिलते ही लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक ने मामले का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने के तथ्य शत-प्रतिशत सही पाए गए। इसके बाद आज दिनांक 18 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजना के मुताबिक, जैसे ही शिकायतकर्ता रामलोचन प्रजापति ओबरी वन चौकी परिसर में वन रक्षक अखिलेश शुक्ला को ₹2,000 की केमिकल युक्त रिश्वत राशि सौंपने पहुंचे, पहले से घात लगाकर बैठी लोकायुक्त टीम ने आरोपी को रंगे हाथों धर दबोचा।
इस सफल कार्रवाई को लोकायुक्त कार्यालय रीवा के निरीक्षक एस.आर. मरावी और निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया की टीम ने अंजाम दिया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी वन रक्षक अखिलेश शुक्ला के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। मौके पर टीम द्वारा कागजी कार्रवाई और आगे की वैधानिक विवेचना की जा रही है।

