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चित्रकूट में माघी पूर्णिमा पर आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने ठंड-कोहरे में मंदाकिनी में लगाई डुबकी

Flood of faith on Maghi Purnima in Chitrakoot

Flood of faith on Maghi Purnima in Chitrakoot

Flood of faith on Maghi Purnima in Chitrakoot: सतना जिले की धार्मिक नगरी चित्रकूट में आज माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। दूर-दराज के क्षेत्रों से आए भक्तों ने पवित्र मंदाकिनी नदी में डुबकी लगाकर आस्था की डुबकी ली और स्नान-दान कर पुण्य अर्जित किया।

सुबह से ही मंदाकिनी के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। ‘जय श्रीराम’ और ‘कामतानाथ महाराज की जय’ के जयकारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। भक्तों ने भगवान कामतानाथ की परिक्रमा की, सुख-समृद्धि की कामना की तथा साधु-संतों से आशीर्वाद लिया। कई श्रद्धालुओं ने दान-पुण्य कर माघ स्नान का समापन किया।

प्रशासन ने घाटों पर सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए थे। पुलिस बल और स्वयंसेवकों की व्यापक तैनाती से स्नान, दर्शन और परिक्रमा की प्रक्रिया सुचारु रूप से चली। भीड़ प्रबंधन और किसी अप्रिय घटना से बचाव के लिए विशेष सतर्कता बरती गई।हिंदू धर्म में माघ मास की पूर्णिमा (माघी पूर्णिमा) का अत्यधिक धार्मिक महत्व है। मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, जप, तप, व्रत और दान से असीम पुण्य प्राप्त होता है। शास्त्रों के अनुसार, इस तिथि पर देवता भी पृथ्वी पर अवतरित होकर तीर्थ स्नान करते हैं। चित्रकूट का महत्व इससे और बढ़ जाता है, क्योंकि भगवान राम ने अपने 14 वर्षीय वनवास काल के साढ़े ग्यारह वर्ष इसी पवित्र धाम में बिताए थे।

माघी पूर्णिमा माघ स्नान का अंतिम प्रमुख पर्व है, जिसके साथ ही माघ मास के स्नान का समापन होता है। आज चित्रकूट में देखा गया उत्साह और भक्ति का यह दृश्य आस्था की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है, जहां ठंड और कोहरे को भी भक्तों की श्रद्धा ने पीछे छोड़ दिया।

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