कब होगा साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण, जानें संपूर्ण जानकारी

First Solar Eclipse of 2025

First Solar Eclipse of 2025: वर्ष 2025 का दूसरा माह भी लगभग समाप्त होने वाला है । दूसरे माह तक आते आते 2025 में कई सारी खगोलीय घटनाएं भी घट चुकी हैं और अब जल्द ही वर्ष 2025 के तीसरे माह में वर्ष की सबसे बड़ी खगोलीय घटना घटने वाली है। जी हां, हम बात कर रहे हैं इस वर्ष के सूर्य ग्रहण की। 2025 का पहला सूर्य ग्रहण मार्च में लगने वाला है बता दें यह ग्रहण 29 मार्च 2025 को घटित होने वाला है।

First Solar Eclipse of 2025
First Solar Eclipse of 2025

2025 प्रथम सूर्यग्रहण

पाठकों की जानकारी के लिए बता दे इस वर्ष कुल चार ग्रहण लगने वाले हैं । ग्रहण आकाशीय खगोलीय घटना में सबसे विशिष्ट घटना माने जाते हैं । इस वर्ष दो चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण घठित होने वाले हैं जिसमें से पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च 2025 को लगेगा। यह सूर्य ग्रहण आंशिक सूर्य ग्रहण है मतलब इस सूर्य ग्रहण के दौरान चंद्रमा सूर्य के केवल एक विशेष हिस्से को ही ढकेगा । ऐसे में चंद्रमा की केंद्रीय छाया पृथ्वी तक नहीं पहुंचती जिसकी वजह से सूर्य का केवल एक अंश ही ढक पता है इसीलिए इसे आंशिक सूर्य ग्रहण कहा जाता है।

क्या भारत में यह घटना देखी जाएगी?

आंशिक सूर्य ग्रहण होने की वजह से यह घटना भारत में दिखाई नहीं देगी । आंशिक सूर्य ग्रहण की यह खगोलीय घटना यूरोप के अधिकांश हिस्सों में दिखाई देगी । इसके साथ ही यह एशिया, अफ्रीका ,उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका ,अटलांटिक और आर्कटिक महासागरों के कुछ विशेष हिस्सों से भी नजर आएगी।

29 मार्च 2025 सूर्य ग्रहण का समय और जरूरी बातें

शनिवार 29 मार्च 2025 को मीन राशि और उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में लगने वाला लगने वाले इस आंशिक सूर्य ग्रहण की विशेष बात यह है कि यह ग्रहण दोपहर 2:21 से शाम 6:14 तक रहने वाला है । यह सूर्य ग्रहण चैत्र अमावस्या के दिन घटित हो रहा है जिसकी वजह से इसकी महत्वता और बढ़ जाती है। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा । परंतु धार्मिक रीति रिवाज का पालन करने वाले लोग इस दिन पूजा अर्चना कर अत्यधिक लाभ उठा सकते हैं।

कब लगता है सूर्य ग्रहण

सूर्य ग्रहण पृथ्वी और सूर्य के बीच चंद्रमा के आ जाने की वजह से लगता है। इस दौरान चंद्रमा सूर्य को अलग-अलग प्रकार से ढकता है ,जिसकी वजह से पृथ्वी पर सूर्य की किरणे नहीं पहुंच पाती और सूर्य का कुछ हिस्सा चंद्रमा के पीछे ढक जाता है । इसकी वजह से कई बार पूर्ण सूर्य ग्रहण ,कई बार आंशिक सूर्य ग्रहण घटित होते हैं।

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