First Ac In India: आज जब भारत में गर्मी 46 डिग्री तक पहुंच रही है और कई स्थानों में तो उससे भी ऊपर जा रही है, इस भीषण गरमी में कूलर-पंखे सब फेल हो चुके हैं और लोगों के लिए AC लोगों के लिए राहत का सबसे बड़ा सहारा बन चुका है। आज AC घरों, दफ्तरों, मॉल और गाड़ियों तक में मौजूद है। शहरों को छोड़िए, अब गांवों में भी एयर कंडीशनर आम होता जा रहा है। लेकिन एयर कंडीशन की ठंडी हवा लेते हुए क्या आपने कभी सोचा है कि भारत में सबसे पहला AC आखिर कब और कहां लगाया गया था?
जयपुर महाराज के महल में लगा था पहला AC | First Ac In India
दरअसल, भारत में आधुनिक एयर कंडीशनिंग की शुरुआत वर्ष 1936 में हुई थी, जब जयपुर के महाराज सवाई मान सिंह के समय में, उनके निवास स्थान भव्य रामबाग पैलेस में पहली बार एयर कंडीशनिंग सिस्टम लगाया गया। यह भारत का पहला आधुनिक एसी सिस्टम था। ऐतिहासिक जानकारी के अनुसार, इस एयर कंडीशनिंग सिस्टम को अमेरिकी कंपनी कैरियर ने लगाया था। और आज के हिसाब से इसे लगाने में कई लाखों रुपए का खर्च आया था।
कैसे होते थे पहले AC
दरसल उस दौर में जब आम लोगों के लिए उजाले के लिए बिजली तक एक बड़ी सुविधा मानी जाती थी, तब इस शाही महल में ठंडी हवा का इंतजाम किसी अजूबे से कम नहीं था। हालांकि यह एसी तकनीक आज के एयर कंडीशनर से बहुत अलग थीं यह बेहद बड़ी थीं जिनको रखने के लिए पूरा एक कमरा लगता था और साथ ही इनमें बड़े-बड़े पंखे, कॉइल्स, कंप्रेशर और डक्ट्स का प्रयोग किया गया था जो ज्यादा ऊर्जा का खपत करने वाला सिस्टम था। उस समय AC लगवाना केवल आराम नहीं बल्कि शाही वैभव और आधुनिक तकनीक का प्रदर्शन भी था।
Voltas ने लांच किया था पहला AC
धीरे-धीरे समय बदला, तकनीक सस्ती हुई और एयर कंडीशनिंग सिस्टम आम लोगों तक पहुंचने लगा। जब 1954 में पहली बार विंडो एसी भारत के बाजारों में आया इसे वोल्टास कंपनी द्वारा लाया गया। दरसल स्विट्जरलैंड की कंपनी वोल्कार्ट ब्रदर्स और भारत की कंपनी टाटा एंड संस ने मिलकर पहला मेड इन इंडिया एसी बाजार में उतारा था। इन्हीं दोनों के नाम के आधार पर ही इसका नाम वोल्टास पड़ा था। हालांकि तब इस एसी में आज की तरह रिमोट कंट्रोल नहीं थे, बल्कि हवा और तापमान को घटाने बढ़ाने के लिए सामने की तरफ मैकेनिकल रॉटरी नॉब या मोटे स्विच लगे रहते थे और यह एसी भी फ्रिज के साइज के होते थे और इनमें लोहे का आवरण और तांबे के कॉइल का प्रयोग किया जाता था, ये शुरुआती एसी मॉडल बहुत बिजली की खपत करते थे और कंप्रेसर स्टार्ट करने पर कंपन के साथ आवाज करते थे। 1984 में वोल्टास ने जापानी तकनीकी के आधार पर देश का पहला आधुनिक स्पिलिट एसी भी लांच किया था।

