GST Fraud : Fino Payments Bank के निदेशक ऋषि गुप्ता की गिरफ्तारी होने से बैंकिंग और फिंच सेक्टर में सतर्कता बढ़ चुकी है। जीएसटी फ्रॉड होने से जुड़े मामले में करीब करोड़ों रुपए के लिए कार्रवाई हुई है। इस घटना का असर बैंक की संचालन छवि और सेक्टर की रिस्क पर पड़ सकता है।

GST Fraud मामले का पूरा विवरण
जीएसटी फ्रॉड से जुड़े इस मामले में जांच एजेंसी डायरेक्टरी जनरल ऑफ जीएसटी एजेंसी ने फिनो पेमेंट्स बैंक के MD ऋषि गुप्ता को हिरासत में ले लिया गया है। इस जांच को कथित तौर पर, ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़े फाइनेंशियल लेनदेन और टैक्स देनदारी से बचाव के संभावित पड़ताल से संबंधित बताया जा रहा है।
जांच एजेंसी के अनुसार शक के अनुसार, लेनदेन सेल कंपनियों के माध्यम से बैंकिंग चैनल से संचालित किए गए हैं। इस प्रक्रिया में जीएसटी देनदारी को कम देने या छिपाने की आशंका बताई जा रही है। हालांकि यह स्पष्ट बताया गया है की जांच अभी भी जा रही है और अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
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कंपनी के द्वारा क्या कहा गया
जीएसटी फ्रॉड से जुड़े मामले में कंपनी ने आधिकारिक बयान में कहा है की ये फ्रॉड बैंक के कुछ बिजनेस पार्टनर से संबंधित गतिविधियों की जांच का हिस्सा है ना कि बैंक की किसी प्रकार के टैक्स प्रणाली का हिस्सा है। स्टॉक एक्सचेंज को दी जाने वाली जानकारी के अनुसार बैंक ने अपने नियम अनुसार दायित्वों का पालन किया है संचालन सामान्य रूप से जारी किया है और सीएफओ केतन मर्चेंट को अंतिम जिम्मेदारी दे दी गई है।
निवेश सेक्टर के लिए क्या संकेत हैं?
जीएसटी फ्रॉड का ये मामला डिजिटल बैंकिंग और फिनटेक इकोसिस्टम में थर्ड पार्टी के रिस्क को उजागर करता है। इसके मुख्य संकेत भुगतान चैनलों का उपयोग अवैध डिजिटल गतिविधि में हो सकता है इसके पार्टनर नेटवर्क की निगरानी अब और भी ज्यादा सख्त तरीके से की जा रही है और नियम का अनुपालन भी अधिक तरीके से बढ़ेगा। मार्केट के निवेश विशेषज्ञ का मानना है कि यह पूरा मामला फिन सेक्टर में केवाईसी, पार्टनर ऑडिट और ट्रांजैक्शन मॉनेटरी कर मजबूत बनाने के लिए नीति स्तरीय बदलाव भी ला सकता है।
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निवेशकों और बाजार पर क्या प्रभाव
स्टॉक एक्सचेंज डाटा के अनुसार बैंक में स्पष्ट रूप से बताया है कि दैनिक संचालन पर तत्काल प्रभाव इसका नहीं पड़ा है फिर भी रेपुटेशन रिस्क इसका बढ़ सकता है। निवेश करने की धारणा पर कुछ समय का असर भी पड़ सकता है। मार्केट विशेषज्ञ के मुताबिक GST Fraud से जुड़े मामलों में जांच लंबी हो सकती है अगर जांच में संस्था की भूमिका नहीं आती है तो इसका प्रभाव सीमित ही दिखेगा हालांकि ये स्पष्ट रूप से निवेश की सलाह नहीं है केवल जानकारी है।
